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रानीदुर्गावती विश्वविद्यालय में कॉलेज प्राध्यापकों ने भी किया धरना प्रदर्शन

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जबलपुर। मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 2 नंवम्बर 2017 को देशभर की यूनिवर्सिटी और कॉलेज टीचर्स के लिए यूजीसी सातवें वेतनमान लागू करने लिए अधिसूचना जारी कर दी गई थी।

वही दूसरी ओर प्रदेश के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया जा चुका है जिसके चलते समस्त प्राध्यापकों में मप्र शासन की नीतियों में रोष व्याप्त है। उक्त बाते सोमवार को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अध्यापक संघ प्रशासनिक भवन के सामने धरना प्रदर्शन में कही।

यूजीसी सातवें वेतनमान की मांग को लेकर प्राध्यापकों के आंशिक धरने के चौथे दिन रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन किया गया। अध्यापक संघ द्वारा सांय 4 से 5 बजे तक सांकेतिक प्रदर्शन किया गया।

साथ ही जल्द से जल्द सातवां वेतनमान लागू करने की मांग की गई। आज आंशिक धरने के पाचंवे दिन शासकीय मानकुवंर बाई महाविद्यालय में आंशिक धरना 4 से 5 बजे तक किया जाएगा।

नही किया प्रवेश कार्य
रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी में चले 1 घंटे धरना प्रदर्शन पर सभी टीचर्स ने हाथो में काली पट्टी बांधकर विरोध जाताया। साथ ही प्रवेश से सम्बधित कार्य नही किए।

इस दौरान यूनिवर्सिटी एवं शासकीय कॉलेजों के प्राध्यापकों के धरना प्रदर्शन के दौरान रादुविवि अतिथि व्याख्याता संघ की ओर से भी समर्थन पत्र के साथ धरना दिया गया।

इस दौरान प्रदर्शन में प्रांतीय जिला अध्यक्ष डॉ अरूण शुक्ल, डॉ भरत तिवारी, प्रो कमेलश मिश्रा, प्रो कमलनयन शुक्ल, प्रो अंजना शर्मा, प्रो मृदुला दुबे, प्रो जेएम केलर, प्रो शैलेष चौबे, प्रो राजीव दुबे, प्रो आर के यादव, प्रो दिव्या चंसोरिया, प्रो आशेक मराठे, डॉ राजेन्द्र सिंह राजपूत, डॉ रवि कटारे आदि प्राध्यापक उपस्थित रहे।

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