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राज्यमन्त्री बने दो बाबा आज जबलपुर में देखेंगे नर्मदा की स्थिति

computer baba mahant 12 04 2018

भोपाल । राज्यमन्त्री बने दोनों बाबा शुक्रवार को जबलपुर में रहेंगे। जहां वे नर्मदा घाट का निरीक्षण करेंगे। बाबाओं का दौरा कार्यक्रम भी जारी किया गया है। उनके लेटरहैड पर बाकायदा मप्र का लोगो भी छपा है।

बाबाओं को मंत्री दर्जा देने का विरोध करने और नर्मदा समिति को भंग करने के लिए सरकार पर फैसला बदलने के दबाव पर कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि सरकार ने समिति बनाई है, उसे जो अच्छा लगे वो करे। उन्होंने सवाल किया कि नर्मदा मैया को बचाने का काम क्या खराब काम है? जो काम हमें सरकार ने दिया है उसे हम पूरी ईमानदारी से करेंगे और खरे उतरेंगे।

राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा और पंडित योगेंद्र महंत गुरुवार को रायसेन जिले के बोरास घाट पहुंचे, जहां उन्हांेने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर नर्मदा की सफाई की। लोगों को नर्मदा को स्वच्छ रखने का संदेश भी दिया। बाबाओं ने नर्मदा किनारे के गांव में लोगों को सौगंध दिलाई कि वे नर्मदा को स्वच्छ रखेंगे। कचरा नहीं फकेंगे। इस दौरान बाबाओं ने लोगों को साथ लेकर नर्मदा से चोई भी निकाली, पौधरोपण भी किया। इसके बाद वे नरसिंहपुर जिले के पिटरास घाट (साईंखेड़ा) पहुंचे, वहां भी स्वच्छता अभियान चलाया।

मिल रहे हैं पौधे

नवदुनिया ने कम्प्यूटर बाबा और योगेंद्र महंत से पूछा कि नर्मदा किनारे किए गए पौधरोपण की स्थिति क्या है तो उन्होंने कहा कि कहां-कहां पौधे लगाए गए थे, अभी उसकी लिस्ट नहीं मिली है। फिर भी हमें नर्मदा घाट के आसपास कुछ पौधे दिखाई पड़े हैं। बाबाओं ने कहा कि अफसरों से 2017 के पौधरोपण का ब्योरा मांगा है।

मशीन से खनन पूरी तरह बंद कराएंगे

बाबाओं ने कहा कि उन्होंने घाट पर खनन के बारे में भी जानकारी ली है। कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मशीन से खनन नहीं करवाने के निर्देश दिए हैं। हम उनका आदेश पूरी तरह से लागू करवाएंगे।

कौन हैं विरोध करने वाले

कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा देने का विरोध कौन कर रहा है। बाहर के लोग तो कुछ भी बोल सकते हैं, लेकिन संतों के अच्छे काम में सरकार मदद कर रही है तो इसमें गलत क्या है। हम तो बिना किसी स्वार्थ के कई वर्षों पहले से नर्मदा मैया को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

चाबी लौटा दी

कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि भोपाल के गेस्टहाउस की चाबी उन्हांेने वापस कर दी है। बाबा के मुताबिक जब वे निकले तो एक सहयोगी को चाबी देकर निकले थे, जिसने गुरुवार को सामान निकाल कर कमरा खाली कर दिया।

 

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