राज्यपाल की कॉफी टेबल बुक पर कांग्रेस विधायक उमंग सिंगार का कहना है कि जो किताब हैं इसमें उनका खुदका महिमामंडन है लेकिन जनता के लिए क्या कदम उठाया राज्यपाल ने ये कहीं नहीं है. ये निश्चित तौर पर खुद की ब्रांडिंग है जैसे पीएम मोदी गुजरात में अपनी ब्रांडिंग करते आये हैं गुजरात में और पीएम बने. मुझे लगता है कि राज्यपाल गुजरात से आई है और एमपी में ब्रांडिंग कर रही हैं तो कहीं ऐसा तो नहीं कि अगली मुख्यमंत्री की दौड़ में है.
राज्यपाल की कॉफी टेबिल बुक पर कांग्रेस विधायक तरूण भानोट ने कहा है कि राज्यपाल का पद संवैधानिक पद होता है. उसकी गरिमा होती है. ये कॉफी टेबल बुक के जरिए अगर प्रचार प्रसार खुद का करेंगी तो ये उनकी गरिमा के खिलाफ है. आप इस किताब में देखिए इसका एक एक पन्ना पलटिये. ऐसा लगता है कि कोई मॉडलिंग हो रही हो.
वहीं, कांग्रेस के बयान के बाद एमपी के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस की आदत हो गई है हर मुद्दे पर राजनीति करना. राज्यपाल का पद दलगत राजनीति से ऊपर है. संविधान में संवैधानिक मुखिया का दर्जा है. ऐसे पद पर इस तरह की टिप्पणी करना निश्चित रूप से शर्मसार करता है.

