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राजनीतिक विश्लेषक कंफ्यूज: यहां मोदी के ‘हनुमान’ चिराग पासवान, तो वहां ‘इंडिया’ के नीतीश कुमार, अपनों के खिलाफ खड़ेे कि‍ए उम्मीदवार

03 10 2020 chirag 20830084

Assembly Election 2023: राजनीतिक विश्लेषक कंफ्यूज: यहां मोदी के ‘हनुमान’ चिराग पासवान, तो वहां ‘इंडिया’ के नीतीश कुमार, अपनों के खिलाफ खड़ेे कि‍ए उम्मीदवार। राजस्थान में एनडीए में की एकता दांव पर लगी है. यहां जेजेपी और लोक जनशक्ति पार्टी ने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी है की है. वहीं मध्य प्रदेश में जेडीयू ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

राजनीति में कौन आपके साथ है और कौन खिलाफ यह तय करना बड़ा मुश्किल है. आगामी राजस्थान और मध्य प्रदेश के चुनाव कुछे ऐसे ही सियासी दांवपेज देखने को मिल रहे हैं जो बड़े से बड़े राजनीतिक विश्लेषक को कंफ्यूज कर दें. राजस्थान में जहां एनडीए में दरार पड़ती नजर आ रही है. वहीं मध्य प्रदेश में इंडिया गठबंधन की एकता दांव पर लगी है

पहले बात करते हैं राजस्थान की यहां एनडीए में सब कुछ सही नहीं चल रहा है. जेजेपी और लोक जनशक्ति पार्टी ने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी है की है. वहीं शिवसेना शिंदे गुट के राजेंद्र सिंह गुढ़ा के खिलाफ उदयपुर वाटी से बीजेपी ने उम्मीदवार खड़ा दिया है.

जेजेपी ने 12 उम्मीदवार किए घोषित

कभी खुद को पीएम मोदी का ‘हनुमान’ बता चुके चिराग पासवान की एलजेपी ने राजस्थान चुनाव के लिए 12 उम्मीदवार घोषित किए हैं. यह संभावना जताई जा रही है कि एलजेपी और भी लिस्ट जारी कर सकती है. वहीं हरियाणा में गठबंधन सहयोगी जेजेपी पहले ही 6 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर चुकी है जबकि इसने 30 और प्रत्याशी उतारने की घोषणा की है.

चौटाला बोले जेजेपी के कार्यकर्ता हुए एक्टिव

हरियाणा के डिप्टी सीएम और जेजेपी के संस्थापक दुष्यंत चौटाला ने कहा था कि पार्टी कार्यकर्ता राजस्थान में एक्टिव हो गए हैं और प्रदेश में लगातार सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है.

मध्य प्रदेश में इंडिया गठबंधन की परीक्षा

नीतीश कुमार की अगुवाई वाले जदयू ने मध्य प्रदेश में उम्मीदवारों की दो लिस्ट जारी कर दी हैं. इनमें 10 उम्मीदवारों के नाम हैं. जिन सीटों पर जदयू ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं उन पर समाजवादी विचारधार का प्रभाव है. हालांकि जदूय को प्रदेश में कोई बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद नहीं है लेकिन वह कांग्रेस और बीजेपी को परेशान कर सकती है. खासतौर से जेडीयू कांग्रेस के लिए कुछ सीटों पर मुश्किल खड़ी कर सकती है क्योंकि दोनों पार्टियां बीजेपी के खिलाफ लड़ेंगी. ऐसे में बीजेपी विरोधी वोट बंट सकते हैं.

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