नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात का पहला इंटरप्लेनेटरी मिशन होप प्रोब (Emirates Mars Mission Hope Probe) तेजी से अपने मिशन को पूरा करने की तरफ बढ़ रहा है।
अरब देशों में शामिल संयुक्त अरब अमीरात ने इस मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर एक नया इतिहास लिख दिया है। यूएई का होप 12 फरवरी 2021 को मंगल के ऑर्बिट में प्रवेश कर गया था।
इसके बाद हर सैकेंड के साथ इसकी मंगल से दूरी कम हो रही है। इस मिशन को 209 दिन हो चुके हैं।
वर्तमान में होप मंगल से करीब 36 हजार किमी की दूरी पर है। इसकी गति 82,442 किमी प्रति घंटे की है। मंगल के पास से गुजरते हुए होप ने इस ग्रह की एक रंगीन तस्वीर भी ली है।
बुधवार को ली गई इस तस्वीर में मंगल का उत्तरी ध्रुव और इसका सबसे बड़ा चांद ओलंपियस दिखाई दे रहा है। साथ ही सूरज की रोशनी निकलती दिखाई दे रही है।
20 जुलाई 2020 को जब इस मिशन को लॉन्च किया गया था उस वक्त इस मिशन के साथ न सिर्फ यूएई की बल्कि समूचे अरब जगत की उम्मीदें भी इससे जुड़ी थीं। इस मिशन के पीछे जिसका सबसे बड़ा योगदान है वों हैं सारा अल अमीरी। एक महिला होने के नाते भी उनकी ये उपलब्धि कहीं ज्यादा बड़ी है। यूएई का ये मिशन करीब दो वर्षों तक मंगल का अध्ययन करेगा। इस दौरान ये हवां के मौसम संबंधी आंकड़े जुटाएगा। इसके अलावा ये वहां पर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की भी मात्रा का पता लगाएगा। अपनी सफलता के साथ मंगल पर पहुंचने वाला यूएई दुनिया का पांचवां देश बन गया है।
अपने इस मिशन की जानकारी सार्वजनिक करने के लिए और इसकी लेटेस्ट पॉजीशन जानने के लिए मिशन की एक वेबसाइट भी बनाई हुई है जहां से इसकी ताजा जानकारी ली जा सकती है। लॉन्चिंग से लेकर अब तक इस मिशन ने कैसे-कैसे पड़ाव पार किए हैं कि इसमें सभी के बारे में पता लगाया जा सकता है। इस मिशन के तीन प्रमुख लक्ष्य हैं जिनमें मंगल के निचले वातावरण का पता लगाना, यहां पर ऊपरी और निचले हिस्से में होने वाले मौसमी बदलावों की जानकारी हासिल करना।

