इंदौर। कमलनाथ सरकार के सामने रोज एक नई चुनौती तैयार रहती है। लगातार 10 दिनों से कृषि विश्वविद्यालय के छात्र सरकार से विश्वविद्यालय के निजीकरण को रोकने की मांग कर रहे हैं। लेकिन आज 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुनवाई नही हुई तो आक्रोशित छात्रों ने कमलनाथ सरकार की अर्थी निकली।
शुक्रवार को छात्रों ने कृषि महाविद्यालय से लेकर रीगल तिराहे तक कांग्रेस सरकार की अर्थी निकाली तो पुलिस ने रास्ते में रोक लिया और अर्थी तोड़ दी। छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से गाली-गलौज की है और छात्राओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया है।
पुलिस ने जब छात्रों को आगे नहीं बढ़ने दिया तो वे रॉबर्ट नर्सिंग होम के सामने ही बैठ गए। अपर कलेक्टर दिनेश जैन व पुलिस के आला अधिकारियों ने भी समझाइश दी, लेकिन वे नहीं माने। देर रात तक 150 से अधिक छात्र एक तरफ की सड़क रोककर बैठे रहे। छात्र सत्यम उपाध्याय ने बताया कि निजी कॉलेज में नियमों का उल्लंघन हो रहा है। निजी कॉलेजों में न लैब है, न प्रैक्टिस करने के लिए जमीन। नियम भी है कि कॉलेज खोलने के लिए 150 एकड़ जमीन होनी जरूरी है। इसके बावजूद भी निजी कॉलेज फर्जी तरीके से छात्रों को पास कर डिग्री थमा रहे है।

