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मोदी सरकार ने अफीम नीति में किया बड़ा बदलाव, मालवा-मेवाड़ में किसान खुश

Opium crop

भोपाल। मध्य प्रदेश और राजस्थान में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले केंद्र सरकार ने अफीम नीति में भारी बदलाव किया है. सरकार ने फैसला लिया है कि मॉर्फिन परसेंटेज के बजाए औसत के आधार पर ही नये पट्टे दिए जाएंगे.

अफीम से मार्फिन नामक पदार्थ निकलता है, जिसे विदेशों में निर्यात किया जाता है. यह कई बीमारियों की दवाइयां बनाने के काम आता है.

केंद्र सरकार ने दिवाली के एक दिन बाद नयी अफीम नीति का ऐलान किया था. इस नीति के तहत मॉर्फिन परसेंटेज के आधार पर पट्टे दिए जाने थे. मॉर्फिन परसेंटेज का आशय यह होता है कि एक हेक्टेयर की अफीम की फसल में 5.9 फीसदी मॉर्फिन निकलना जरूरी है. गत वर्ष दी गई अफीम में से जिस उत्पादक की अफीम में 5.9 प्रतिशत मॉर्फिन पाया जाएगा, उसे ही पट्टा दिया जाएगा. यदि ऐसा नहीं होता है तो पट्टा निरस्त कर दिया जाएगा.

इस नीति से मध्य प्रदेश के मालवा और राजस्थान के मेवाड़ में करीब 17 हजार किसान अफीम की खेती के लिए अपात्र घोषित हो जाते. ऐसे में नयी नीति को लेकर किसानों में काफी आक्रोश था.

किसानों की नाराजगी को देखते हुए नयी दिल्ली में बुधवार देर शाम वित्त मंत्रालय के आपात बैठक बुलाई गई. इस बैठक में अहम फैसला लिया गया कि अब मॉर्फिन परसेंटेज के बजाए औसत के आधार पर पट्टे दिए जाएंगे.

केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद मालवा और मेवाड़ में एक बार फिर दिवाली जैसा नजारा देखने को मिल रहा है. खासतौर पर किसान आंदोलन के बाद से ही यहां के किसान सरकार से नाराज चल रहे थे. ऐसे में अफीम नीति में बदलाव के बाद पहली बार किसानों के चेहरे पर खुशियां दिखाई दे रही हैं.

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