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मैं दिखने में सुंदर नहीं हूं, जो भी काम करती हूं, वो … लिखकर लगा ली डॉक्‍टर ने फांसी

crime against women

मैं दिखने में सुंदर नहीं हूं, जो भी काम करती हूं, वो … लिखकर लगा ली डॉक्‍टर ने फांसी   झाबुआ जिला अस्पताल में पदस्थ एक महिला चिकित्सक का शव उसके किराए के मकान पर फासी पर झूलता मिला था। पुलिस ने शव का पीएम करवा कर शव उसके स्वजनों को सौप दिया था। पुलिस ने चिकित्सक के मकान में महिला चिकित्सक द्वारा लिखी हुई एक डायरी भी बरामद की है। पुलिस इस डायरी में लिखे लेख की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस को फिलहाल पीएम रिपोर्ट का इंतजार है।

उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में पदस्थ महिला चिकित्सक निशा भायल शहर के मेघनगर नाके पर किराए के मकान में रहती थी। गुरुवार की रात उसके स्वजनों ने जब उसे फोन लगाया तो उसके द्वारा फोन अटेंड नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में स्वजनों ने निशा के पास में रहने वाली अन्य महिला चिकित्सक को फोन लगाकर उसे बात कराने के लिए कहा। महिला चिकित्सक निशा के रूम पर पहुंची। और दरवाजा खटखटाया लेकिन काफी देर तक कोई जवाब नहीं आया। तो खिड़की का शीशा फोड़ कर देखा तो निशा फांसी के फंदे पर झूलती नजर आई। पुलिस को सूचना दी गई, पुलिस मौके पर पहुंची।

डायरी में लिखी है परेशानी

थाना प्रभारी सुरेनसिंह ने बताया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। महिला के कक्ष से एक डायरी मिली है। जिसमें उसमें लिखा है कि मैं बहुत परेशान हूं। मैं दिखने में सुंदर नहीं हूं, जो भी काम करती हूं, वो गलत हो जाता है। मैं अपने माता-पिता का अहसान कैसे चुका पाऊंगी। थाना प्रभारी सीएनए ने बताया कि महिला पिछले 6 माह से जिला अस्पताल में पदस्थ थी। डायरी में लिखे हर शब्द की जांच की जा रही है। चिकित्सक साथियों से भी इस संबंध में चर्चा की जा रही है।

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