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मेरा धर्म किसी राजनैतिक दल की बपौती नहींः सिंधिया

sindhiya

जबलपुर। मध्यप्रदेश कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के संभागीय बैठक व राजकृष्ण तन्खा फाउंडेशन के कार्यक्रम शामिल होने जबलपुर आए पूर्व केन्द्रीय मंत्री व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज पत्रकारों से औपचारिक चर्चा के दौरान कहा कि मेरा धर्म किसी राजनैतिक दल की बपौती नहीं है।

हिन्दुत्व एक विराट शब्द है जिसे संकुचित विचारधारा में नहीं बांधा जा सकता। उन्होंने कहा कि मेरा धर्म एक दर्शनशास्त्र भी है जो सभी को साथ लेकर चलना सिखाता है। भाजपा या आरएसएस मुझे नहीं बता सकती कि मुझे किसी मंदिर में जाना है या नहीं जाना है या कब जाना है।

यह बात उन्होंने पत्रकारवार्ता के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव में सॉफ्ट हिन्दुत्व के प्रश्र पर कही। समाचार लिखे जाने तक विवेक तन्खा व सिंधिया राजकृष्ण तन्खा फाउंडेशन के कार्यक्रम स्त्री सुरक्षा संवादा में पहुंच चुके थे जहां इन दोनों के साथ वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह और लीला घोष भी मौजूद थीं।

45 दिन की कार्ययोजना
इसके पहले चुनाव अभियान समिति की संभागीय बैठक में हुई चर्चा की जानकारी देते हुए सिंधिया ने बताया कि संभाग स्तरीय बैठक में 45 दिन की एक कार्ययोजना बनाई गइ र् है जिसके लिए ब्लाक स्तर पर एक दो दिन में जवाबदारी निर्धारित कर दी जायेगी। और इसकी निगरानी जिला अध्यक्ष के साथ-साथ चुनाव अभियान समिति के पूरे सदस्य करेंगे। इसके अलावा उनहोंने टिकट के बंटवारे पर कहा कि मध्यप्रदेश में कोशिश की जायेगी कि 30 प्रतिशत नए चेहरों को टिकट दी जाये जिन्होंने पूर्व में विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा है लेकिन इस बात का भी ध्यान रखा जायेगा कि उन्हें पूर्व में छोटे चुनाव लड़ने का अनुभव हो। वहीं जातिगत समीकरणों पर उन्होंने कहा कि टिकट जाति के आधार पर तो नहीं दिये जायेंगे लेकिन इस बात का ध्यान पूरी तरह से रखा जायेगा कि हर वर्ग के व्यक्ति का प्रतिनिधित्व रहे। जिसके लिए उनहोंने साफ किया कि जिला स्तर पर तो नहीं लेकिन संभाग स्तर पर जरूर हर समाज का प्रतिनिधि मौजूद रहेगा।

सरकार पर साधा निशाना
महंगाई की समस्या हो, बेरोजगारी की समस्या हो या किसानों की समस्या हो हर मुद्दे पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। किसानों के साथ हो रही लूट का मामला हो या पिछले साल मंदसौर गोलीकांड की जांच में हुई लीपापोती का विषय हो या फिर समर्थन मूल्य व भावांतर की अनियमितताएं, सभी बिन्दुओं पर सिंधिया ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। इसके अलावा पेट्रोल डीजल की बढ़ रही कीमतों पर लगाए जा रहे अनाप शनाप केन्द्रीय व प्रादेशिक करों का विषय भी उन्होंने गंभीरता के साथ उठाया। उनहोंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संसद में पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर विरोध प्रदर्शन करने का आमंत्रण भी दिया साथ ही यूपीए कार्यकाल के दौरान जिस तरह प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बढ़ती ईंधन की कीमतों पर हायतौबा मचाई थी अब उनकी सरकार के दौरान छाई खामोशी पर भी व्यंग्य किया। पत्रकारवार्ता के दौरान राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा, विधायक तरूण भानोट, नीलेश अवस्थी के साथ संभाग से आए अन्य चुनाव अभियान समिति के सदस्य व विधायकगण मौजूद थे।

स्वागत पर विवाद
शुक्रवार की रात जबलपुर पहुंचे श्री सिंधिया रात्रि विश्राम के बाद सर्किट हाउस क्रमांक 1 से बैठक में शामिल होने अशोका होटल पहुंचे। इस दौरान उनका जगह जगह स्वागत किया गया। इसी दौरान तीन पत्ती चौक से मानस भवन के बीच लगे एक मंच पर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। सिंधिया का काफिला जब मंच से गुजरा तो स्वागत करने वालों की होड़ सी मच गई थी। लेकिन इस अफरातफरी में कुछ लोगों को स्वागत करने का मौका नहीं मिला। इसके बाद जैसे ही काफिला आगे गुजरा कार्यकर्ता पहले तो एक दूसरे के साथ गालीगलौच करने लगे और देखते- ही देखते हाथापाई की नौबत बन गई।

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