मरने के बाद कैसे जिंदा हो गया रूसी पत्रकार, जानें क्या है इसके पीछे की पूरी कहानी

इंटरनैशनल डेस्कः मंगलवार को यूक्रेन की राजधानी एक रूसी पत्रकार की मौत की खबर ने हर जगह सनसनी फैला दी।  यूक्रेन पुलिस ने बताया था कि अरकाडी बाबचेंको नाम के पत्रकारी की हत्या कर दी गई है। पुलिस प्रवक्ता यारोस्लाव त्राकालो ने बताया था कि अरकाडी बाबचेंको दुकान से घर आ रहे थे। उसी दौरान अपार्टमेंट की सीढ़ियों पर उनकी पीठ पर तीन गोलियां मारी गईं।
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इन सब खबरों के बीच अचानक कुछ एेसा हुआ कि रुसी पत्रकार मर कर जिंदा हो गया। दुनियाभर की मीडिया ने उसकी मौत की खबर चलाई।  दावा किया गया कि अस्पताल ले जाने के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया, लेकिन अगले दिन ही ये खबर झूठी निकली। 24 घंटे बाद वो पत्रकार अचानक मीडिया के सामने आ गया और इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की प्लानिंग को उजागर किया।

क्यों फैलाई गई झूठी खबर?
पत्रकार अरकाडी बाबचेंको 2017 में रूस से भाग कर यूक्रने आ गए थे वो रूसी सरकार के खिलाफ खबरें लिखते रहते थे। वो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक रहे हैं और उन्होंने एक साल पहले अपनी जान पर ख़तरा बताते हुए रूस छोड़ दिया था। बाबचेंको का कहना है कि रूस ने उनको मारने का प्लान बनाया। कहा गया कि रूस ने एक यूक्रेन के ही नागरिक को पत्रकार अरकाडी बाबचेंको को मारने के लिए चालीस हज़ार डॉलर दिए थे। इस बात की भनक यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसियों को लग गई. लिहाजा उन्हें बचाने के लिए एक प्लान तैयार किया गया। यूक्रेन सिक्युरिटी सर्विस के प्रमुख वासिल गरित्साक ने बुधवार को बताया कि एक स्पेशल ऑपरेशन के तहत इस पत्रकार के मौत की झूठी खबर फैलाई गई।

बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए नजर 
यूक्रेन के सुरक्षा सेवा के प्रमुख वसिल ग्रिस्टाक ने संवाददाताओं को बताया कि पत्रकार की मौत की फर्जी खबर एक विशेष अभियान का हिस्सा था, जिसका लक्ष्य उनकी हत्या की असली साजिश को रोकने के लिए पहले से तैयारी करनी थी। बाबचेंको इन खबरों के बीच बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नजर आए और उन्होंने रूसी सुरक्षा सेवा का आभार जताया।

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