Saturday, May 2, 2026
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मध्यप्रदेश

मध्‍य प्रदेश में 6000 से अधिक को मिलेगा रोजगार, मुख्यमंत्री से निवेशकों ने की भेंट

भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंत्रालय में उद्योगपतियों ने भेंट कर प्रदेश में वर्तमान और भावी निवेश की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न् इकाइयों की स्थापना और विकास के लिए उद्योगपतियों को राज्य सरकार द्वारा पूरा सहयोग देने की बात कही। निवेश वाले क्षेत्रों में टेक्सटाइल, पेपर निर्माण और वेस्ट-टू-प्रोडक्ट इकाइयों ने लगभग 15 सौ करोड़ रुपये निवेश के प्रस्ताव दिए हैं।

इंडो-रामा सिंथेटिक्स इंडिया लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विशाल लोहिया ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने प्रदेश में 600 करोड़ स्र्पये के निवेश के साथ टेक्सटाइल क्षेत्र में स्पिनिंग इकाई लगाने का निर्णय लिया है। इससे 3200 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार मिलेगा। औद्योगिक संस्थान ने दूसरे चरण में भी 600 कराेड स्र्पये के निवेश का विचार किया है। इस तरह कुल 1200 करोड़ के निवेश की योजना है।

कंपनी प्रदेश के किसानों से काटन खरीदेगी। वर्तमान में कंपनी काटन और पालिस्टर यार्न बनाती है। इनके उत्पाद यूरोपियन और दक्षिण अमेरिकन देशों में निर्यात होते हैं। महिमा फाइबर के उद्योगपति रोहित दोशी, अमृत पेपर्स के मनोज बाहेती और होसविन इंसीनेटर के सैयद अरशद अली वारसी ने भी मुलाकात की।

काटन जिनिंग, स्पिनिंग और वीविंग के क्षेत्र में कार्यरत महिमा फाइबर्स की वर्तमान में धार और खरगोन जिले में 600 करोड़ रुपये के निवेश की दो इकाइयां काम कर रही हैं। महिमा फाइबर्स के एमडी रोहित दोषी ने मुख्यमंत्री को दोनों जिलों में करीब 625 करोड़ रुपये के नवीन निवेश प्रस्तावों से अवगत करवाया, जिसमें लगभग 2000 लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में यह अपनी तरह का अलग औद्योगिक निवेश होगा।

अमृत पेपर्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक मनोज बाहेती ने जानकारी दी कि धार जिले के ग्राम बोदला में 17.75 हेक्टेयर भूमि पर एक लाख टन सालाना क्षमता की क्राफ्ट पेपर निर्माण की इकाई की स्थापना की जा रही है। प्रथम चरण में करीब 150 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।

इससे कुल 350 लोगों को रोजगार मिलेगा। द्वितीय चरण में भी करीब 150 करोड़ स्र्पये का निवेश किया जाएगा। वर्तमान में संस्थान द्वारा अखबारी कागज, फोटो कापियर पेपर, पैकेजिंग बोर्ड आदि का व्यवसाय किया जा रहा है। होसविन इंसिनेटर के मैनेजिंग डायरेक्टर सैय्यद अरशद अली वारसी ने बताया कि अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में कंपनी स्थानीय निकायों को सहयोग करती है।

गत 20 वर्ष से इंदौर में कामन बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फेसिलिटी का संचालन भी किया जा रहा है। नवीन निवेश प्रस्ताव में इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम चीराखान में 153 करोड़ 79 लाख स्र्पये के निवेश के साथ वेस्ट-टू-प्रोडक्ट इकाई की स्थापना प्रस्तावित है। इस इकाई के लग जाने से लगभग 450 लोगों को रोजगार होगा। जैविक कचरे से खाद, डायपर सेनेटरी के निपटान, प्लास्टिक पुनर्चक्रण और जैव मेथीनेशन से कंप्रेस्ड बायोगैस के निर्माण के कार्य, इस इकाई की स्थापना से संभव हो सकेंगे।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम