मध्‍य प्रदेश के 700 पुलिस थानों में तीन श्रेणी में बनेगी महिला हेल्प डेस्क.

भोपाल । प्रदेश में महिला अपराधों की रोकथाम के लिए नई व्यवस्था को अंतिम रूप देने की तैयारी हो गई है। प्रदेश के 700 थानों में महिला हेल्प डेस्क बनेगी। इस डेस्क का गठन तीन श्रेणियों में होगा। जिन थाना क्षेत्रों में महिला अपराधों की संख्या अध‍िक होगी, वहां अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। मालूम हो, केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 700 थानों में महिला हेल्प डेस्क के गठन के लिए सात करोड़ रुपये देने का प्रविधान किया गया है। इसमें प्रत्येक डेस्क के लिए एक लाख रुपये खर्च करने की व्यवस्था है।

प्रदेश में अभी 141 महिला हेल्प डेस्क काम कर रही हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (महिला अपराध) कार्यालय से सभी जिलों के लिए जारी आदेश के तहत सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ राष्ट्रीय महिला दिवस (आठ मार्च) को किया जाना है। 700 महिला डेस्क को ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क के नाम से जाना जाएगा। इस डेस्क को महिला अपराधों की संख्या के आधार पर अ, ब और स श्रेणी में बांटा गया है। पूर्व से संचालित 141 डेस्क अ श्रेणी में रहेगी। इस संबंध में सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों की सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक होगी।

 

किस श्रेणी में कितना बल

प्रदेश में अभी 141 महिला हेल्प डेस्क काम कर रही हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (महिला अपराध) कार्यालय से सभी जिलों के लिए जारी आदेश के तहत सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ राष्ट्रीय महिला दिवस (आठ मार्च) को किया जाना है। 700 महिला डेस्क को ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क के नाम से जाना जाएगा। इस डेस्क को महिला अपराधों की संख्या के आधार पर अ, ब और स श्रेणी में बांटा गया है। पूर्व से संचालित 141 डेस्क अ श्रेणी में रहेगी। इस संबंध में सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों की सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक होगी।

 

किस श्रेणी में कितना बल

एक वर्ष में 75 से अधिक महिला अपराध होने वाले थाना क्षेत्र की डेस्क को अ श्रेणी में रखा जाएगा। यहां एक महिला उपनिरीक्षक, दो प्रधान आरक्षक और चार आरक्षक का स्टाफ रहेगा।

एक वर्ष में 40 से 75 महिला अपराधों पर डेस्क को ब श्रेणी में रखेंगे। यहां महिला उप निरीक्षक या सहायक उप निरीक्षक का एक और प्रधान आरक्षक या आरक्षक के चार पद रहेंगे।

स श्रेणी में वह डेस्क रहेगी, जहां प्रतिवर्ष 40 से कम शिकायतें आती हैं। यहां महिला उप निरीक्षक या प्रधान आरक्षक का एक और आरक्षक के तीन पद रहेंगे।

यह रहेगी व्यवस्था

संबंधित थाने के थाना प्रभारी महिला डेस्क के प्रभारी रहेंगे। महिला डेस्क पर पदस्थ महिला अधिकारी संचालक होगी। प्रधान आरक्षक (मोहर्रिर) डेस्क के समन्वयक रहेंगे। 20 फरवरी तक डेस्क के लिए अलग से कक्ष और संसाधन की व्यवस्था करनी होगी। महिला डेस्क पर कार्यकत अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

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