भोपाल। भोपाल में अब एक भी शत्रु संपत्ति नहीं है। यह जवाब जिला प्रशासन ने हाल ही में राज्य शासन को भेजा है। वहीं दूसरी तरफ मुंबई स्थिति शत्रु संपत्ति कार्यालय को वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए पत्र लिखा है। इसके पहले भोपाल में नानी की हवेली को शत्रु संपत्ति माना जा रहा था। लेकिन इसका पूरा रिकार्ड खंगालने के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भोपाल एक भी शत्रु संपत्ति नहीं है।
बता दें कि विधानसभा के ग्रीष्मकालीन सत्र में शत्रु संपत्ति को लेकर सवाल पूछा गया था। जिसका जवाब भी जिला प्रशासन ने यही बनाकर भेजा था। इससे पूर्व जिला प्रशासन वर्ष 2016 में यह स्पष्ट किया था कि भोपाल जिले में 24 नहीं बल्कि मात्र एक ही शत्रु संपत्ति है, वह है नानी की हवेली, जो वर्तमान में जर्जर अवस्था में है। बावजूद इसके शत्रु संपत्ति को लेकर हलचल मची हुई थी।
जिला प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक इस संपत्ति का रिकार्ड खंगालने पर पता चला कि यह शत्रु संपत्ति के दायरे में नहीं आती है। हालांकि, अब सवाल यह उठ रहा है कि 2013 में जिला प्रशासन ने शत्रु संपत्ति कार्यालय मुंबई को जो रिपोर्ट भेजी थी उन संपत्तियों का क्या हुआ। हालांकि इस रिपोर्ट में भी नानी की हवेली और मेप्पल हाउस का जिक्र नहीं किया गया था।
– क्या है शत्रु संपत्ति का मामला
बता दें कि 1968 में सरकार शत्रु संपत्ति अधिनियम लाई। इस कानून के 47 साल बाद कस्टोडियन ऑफ एनीमी प्रॉपर्टी ऑफिस ने नवाब की कुछ संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित किया था। शत्रु संपत्ति कार्यालय मुंबई ने युद्ध के समय पाकिस्तान जाने वाली नवाब की बेटी आबिदा सुल्तान को वारिस मानते हुए उनकी चार दर्जन से अधिक प्रॉपर्टी की लिस्ट भेजी थी। जिसमें पाक जाकर बसीं आबिदा सुल्तान को बेगम ऑफ भोपाल मानते हुए इस प्रॉपर्टी की जांच के निर्देश दिए थे। अब जिला प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता से जांच कराई। इसमें 70 साल के खसरों की जांच कर जो रिपोर्ट तैयार गई, उसमें मात्र 24 की जानकारी सामने आई, लेकिन इसमें भोपाल के तत्कालीन नवाब हमीदुल्ला खान की बड़ी बेटी आबिदा सुल्तान के नाम पर कोई प्रॉपर्टी नहीं मिली है।
– नहीं है कोई शत्रु संपत्ति
हमने जांच कराई है। जांच में कोई भी ऐसी संपत्ति नहीं मिली है जिसे शत्रु संपत्ति कहा जा सके। इसलिए यह जवाब दिया गया है कि भोपाल में कोई भी शत्रु संपत्ति नहीं है – सुदाम पी खाडे, कलेक्टर, भोपाल

