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भारत की तर्ज पर तिब्बत में जातीय एकता अनिवार्य बनाने वाला विधेयक पारित

14 01 2020 china 1 19934473 84421385

बीजिंग। तिब्बत ने पहली बार जातीय एकता को अनिवार्य करने वाला कानून बनाया है। इसमें सुदूर हिमालयी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में इसकी अहम भूमिका की झलक मिलती है। ग्लोबल टाइम्स के अनुसार तिब्बत की पीपुल्स कांग्रेस ने शनिवार को विधेयक पारित किया। यह एक मई से अमल में आएगा। अखबार ने लिखा है कि नए कानून में कहा गया है कि तिब्बत प्राचीन काल से चीन का अभिन्न हिस्सा है।

यही नहीं नए कानून में यह भी कहा गया है कि क्षेत्रीय एकीकरण को सुरक्षित रखना सभी जातीय समूहों के लोगों की संयुक्त जिम्मेदारी है। जातीय एकता को मजबूत किया जाए तथा अलगाववाद के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाया जाए। तिब्बत एकेडमी ऑफ सोशल साइंस में समकालीन अध्ययन संस्थान के उप प्रमुख पेनपा लहामो ने कहा, ‘पूरे चीन के स्वायत्तशासी क्षेत्र में जातीय एकता पर यह पहला कानून है।’

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