भाजपा संगठन चुनाव में उम्र बंधन पर उठे सवाल जांच में उलझा संगठन
भोपाल। लोकतांत्रिक प्रक्रिया का दावा कर हुए भाजपा के संगठन चुनावों पर कार्यकर्ता ही सवाल उठा रहे हैं। प्रदेश के कई मंडलों में अध्यक्ष बनने के लिए उम्रदराज नेताओं ने उम्र के झूठे दस्तावेज लगाकर अध्यक्षी पा ली। इसकी शिकायतें प्रदेश संगठन को मिलीं तो अब वह इनकी जांच करा रहा है। उम्र की इन्हीं शिकायतों के चलते कई मंडलों में अध्यक्ष पद का चुनाव रोक भी दिया गया है। देश में प्रदेश भाजपा का संगठन सबसे बड़ा माना जाता है।
प्रदेश संगठनात्मक दृष्टि से भाजपा के 57 जिले और 1038 मंडल हैं। इनमें से 90 फीसदी मंडलों में चुनाव कराने का दावा पार्टी कर रही है। वहीं अब तक वह 33 जिलों के नए अध्यक्षों की भी घोषणा कर चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव 15 दिसबर को होना था पर फिलहाल इसे टाल दिया गया है।उम्र के बंधन से बढ़ी दिक्कतेंः पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने युवाओं को आगे लाने के लिए इस बार नई गाइड लाइन जारी की थी। इसके मुताबिक मंडल अध्यक्ष की उम्र 35 और जिला अध्यक्ष की उम्र 50 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। स्थापित नेताओं के विरोध के चलते मंडल अध्यक्षों की उम्र के बंधन को पांच साल और शिथिल किया गया। संगठन सूत्रों की माने तो मंडल अध्यक्ष की दौड़ में सबसे ज्यादा 40 साल पार कर रहे उम्र के नेता थे।
मंडल चुनाव हुए तो कई मंडलों में नेताओं ने उम्र के फर्जी दस्तावेज लगा दिए और वे मंडल अध्यक्ष भी बन बैठे। इसके बाद इनकी शिकायतों का दौर शुरू हो गया। आरोप सही तो हटाए जाएंगे अध्यक्ष
मंडल चुनावों में गड़बड़ी को लेकर जिन जिलों से सबसे ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उनमें शहडोल, खरगौन, मुरैना, भिंड, छतरपुर, पन्ना, सागर, होशंगाबाद जिले शामिल हैं। होशंगाबाद में तो मंडल अध्यक्षों के चुनाव में शिकायतों के चलते इनकी घोषणा भी रोक दी गई है, जिससे जिलाध्यक्ष का चुनाव भी नहीं हो पाया है। यहां जिलाध्यक्ष का चुनाव अब नए प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन के बाद होगा। संगठन भी उम्र के फर्जी दस्तावेज लगाने की शिकायतों से हैरान है। संगठन इन शिकायतों की जांच करा रहा है। प्रदेश संगठन के एक आला नेता ने बातचीत में स्वीकार किया कि इस तरह की शिकायतें आ रहीं जो ठीक नहीं हैं। हम अब इसकी जांच करा रहे हैं। जिनके ािलाफ शिकायतें सही पाई गईं तो उन्हें मंडल अध्यक्ष पद से हटाया जाएगा। प्रदेश कार्यालय में इस तरह की सैकड़ा से अधिक शिकायतें आई हैं जिनमें मंडल अध्यक्ष के चुनावों में पार्टी गाइडलाइन का उल्लंघन होने की बात सामने आ रही है।