भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले साल 2 जुलाई को 6.67 करोड़ पौधे लगाने के दावे को महाघोटाला करार देकर ‘नर्मदा घोटाला रथ यात्रा’ निकालने का ऐलान करने वाले बाबाओं (नर्मदानंदजी, हरिहरानंदजी, कंप्यूटर बाबा, भय्यू महाराज और पं. योगेंद्र महंत) को राज्य सरकार ने राज्यमंत्री के दर्जे से नवाजा था । इनमें शामिल भय्यू महाराज को मॉडर्न और राष्ट्रीय संत माना जाता था । उन्होंने करीब 49 साल की उम्र में दूसरी शादी की थी। दरअसल उनकी पहली पत्नी की मौत होने के बाद बेटी कुहू और मां का ख्याल रखने के लिए ही ये शादी की थी।
उनकी पर्सनल लाइफ…
- 1968 को जन्में भय्यू महाराज का असली नाम उदयसिंह देखमुख है। वे शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते है।
- कभी कपड़ों के एक ब्रांड के लिए एेड के लिए मॉडलिंग कर चुके भय्यू महाराज अब गृहस्थ संत हैं। सदगुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनके ही देखरेख में चलता है।
- उनका मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर है। उनकी पत्नी माधवी का दो साल पहले निधन हो चुका है।
- पहली शादी से उनकी एक बेटी कुहू है, जो पुणे में रहकर पढ़ाई कर रही है।
- उन्होंने 30 अप्रैल 2017 को एमपी के शिवपुरी की डॉ. आयुषी के साथ सात फेरे लिए।
- वे मर्सीडीज जैसी महंगी गाड़ियों में चलने वाले भय्यू जी रोलेक्स ब्रांड की घड़ी पहनते हैं और आलीशान बिल्डिंग में रहते हैं।
हाईप्रोफाइल लोगों से रहा है नाता
- वे चर्चा में तब आए जब अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने अपना दूत बनाकर भेजा था। बाद में अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था।
- पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज आमंत्रित किया था।
- पूर्व प्रेसिडेंट प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम विलासराव देखमुख, शरद पवार, लता मंगेशकर, उद्धव ठाकरेऔर मनसे के राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी उनके आश्रम आ चुके हैं।

