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बढ़ सकती हैं एमबीबीएस की 400 सीटें, तीन सरकारी कॉलेजों का फिर होगा निरीक्षण

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भोपाल। प्रदेश में इसी सत्र से MBBS की 400 सीटें बढ़ने की आस जगी है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) विदिशा, रतलाम और खंडवा मेडिकल कॉलेज का फिर से निरीक्षण करेगी। मप्र शासन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने MBBS की दूसरे चरण की काउंसलिंग के पहले इन कॉलेजों का निरीक्षण करने के निर्देश एमसीआई को दिए हैं। इसके पहले संसाधनों की कमी के चलते एमसीआई ने मान्यता देने से मना कर दिया था।

राज्य शासन ने इस साल सात नए मेडिकल कॉलेजों में MBBS कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किया था। एमसीआई ने पहले दौर के निरीक्षण के बाद सभी कॉलेजों को मान्यता देने से मना कर दिया था। वजह, उस समय तक न तो फैकल्टी की भर्ती हो पाई थी। कॉलेजों के भवन का निर्माण कार्य भी अधूरा था। इसके बाद बाद शासन ने कमियां दूर कर कॉलेजों का दोबारा निरीक्षण के लिए आवेदन किया। इस निरीक्षण के बाद दतिया मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिल गई। बाकी छह कॉलेजों की मान्तया देने से एमसीआई ने मना कर दिया था। इसके बाद शासन ने इन कॉलेजों में फैकल्टी की भर्ती की। लाइब्रेरी व अन्य संसाधन भी बढ़ाए गए। यह सब तैयारी करने के बाद एमसीआई ने फिर निरीक्षण करने को मना कर दिया था। इसके राज्य शासन ने सुप्रीम कोर्ट में निरीक्षण के लिए याचिका लगाई थी।

चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अधिकारियों के मुताबिक तीनों कॉलेज एमसीआई की जरूरत के अनुसार मापदंडों पर खरे हैं। इन्हें मान्यता मिलने के पूरे आसार हैं।

इसलिए नहीं मिली थी मान्यता

-सीनियर रेसीडेंट्स की कमी

-लेक्चर हॉल तैयार नहीं

उम्मीदवारों में खुशी

सीटें बढ़ने की आस से उन उम्मीदवारों में खुशी है जिन्हें पहले चरण की काउंसलिंग में सीटें आवंटित नहीं हो पाई हैं। पहले चरण में सरकारी कॉलेजों में अनारक्षित श्रेणी की सीटों के लिए कटऑफ 517 अंक तक गया है। नए कॉलेज खुलने से मेरिट 500 के नीचे तक आने की उम्मीद है।

अभी यह स्थिति

सरकारी मेडिकल कॉलेज – 7

MBBS की सीटें – 900

निजी मेडिकल कॉलेज – 6

MBBS सीटें – 850

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