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बड़ा घटनाक्रम: प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टरों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, मांगे नहीं माने जाने से नाराज

juda 24 07 2018

भोपाल। एक बड़े घटनाक्रम में प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। 10 हजार रुपए तक का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने बेमियादी हड़ताल शुरू की थी, लेकिन शाम को राज्य शासन ने एस्मा लागू कर दिया। प्रदेश के पांचों मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने सामूहित इस्तीफा दे दिया।

जानकारी के मुताबिक जूनियर डॉक्टर ने आज डीन से मुलाकात की। लेकिन जूडा की मांगों को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया। इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला किया। डीन से मुलाकात के दौरान जूडा ने इस बात पर नाराजगी जताई कि सरकार को जूडा की मांग को लेकर चर्चा करना थी लेकिन सरकार ने जूडा और पैरामेडिकल स्टाफ की सेवाओंं को अत्यावश्यक घोषित करते हुए एस्मा लगा दिया। इससे साफ है कि सरकार मांगों को लेकर बात नहीं करना चाहती। लिहाजा अब इस्तीफे के अलावा कोई विकल्प जूडा के सामने नहीं है। इसके बाद प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया।

दरअसल ACS राधेश्यान जुलानिया ने जूडा से चर्चा के दौरान कहा था कि जूडा पहले हड़ताल समाप्त करें और फिर चर्चा करें। लेकिन जूडा इसके लिए राजी नहीं हुआ। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने देर शाम नोटिफिकेशन जारी करते हुए एस्मा लगाते हुए जूनियर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के 3 महीने तक अवकाश पर रोक लगा दी थी।

इससे नाराज जूडा ने सुबह डीन से मुलाकात करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई। जब सर्वमान्य हल नहीं निकला तो प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया।

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