बोडो आंदोलनकारियों को समझाते जिंदगी की जंग हार गया बरही का बेटा नीरज
कटनी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद महाकौशल के पूर्व प्रांत कार्यालय मंत्री,ओजस्वी वक्ता एवं कवि नीरज श्रीवास्तव का दुखद निधन हो गया। बड़े नीरज श्रीवास्तव अकेले कारवां बन गया, देश के लिये कुछ करने का जुनून उन्हें बरही से बाहर असम की वादियों में ले गया वहाँ असम सरकार की ओर से पूर्वोत्तर विकास परीषद के माध्यम से बोडो आंदोलनकारियों के मोटिवेटर के रूप में भी कार्य करते थे।
इसी दौरान वह किडनी रोग से प्रभावित हो गये, किडनी प्रत्यारोपण की तैयारी चल ही रही थी इसके लिए उनकी बहन तैयार थीं पर दुर्भाग्य वश वह कोरोना पॉजिटिव हो गए और यह प्रत्यारोपण नहीं हो पाया।
आज मेदांता अस्पताल गुड़गांव में उनका दुखद अवसान हो गया। बरही का बेटा बेवाक अंदाज ,सरफ़रोशी की तमन्ना लिए असम प्रदेश में सेवा कार्य मे सलंग्न नीरज श्रीवास्तव आखिर में जीवन की जंग हार गये।

