Site icon Yashbharat.com

केंद्र का बड़ा फैसला, मां-बाप को प्रताड़ित किया तो सम्पत्ति लौटानी होगी

2018 3image 12 27 370468140thawarchandgehlot ll

नई दिल्ली: मां-बाप को प्रताड़ित कर सम्पत्ति अपने नाम कर लेने के बाद उन्हें बेसहारा छोड़ने वाले बच्चों पर केन्द्र सरकार सख्ती करने जा रही है। ऐसे मामले में सिर्फ एक शिकायत पर बच्चों को सम्पत्ति मां-बाप को लौटानी पड़ेगी। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय इसके लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक देखभाल एवं कल्याण अधिनियम 2007 में संशोधन करने जा रहा है। मंत्रालय के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं जिनमें बच्चों ने सम्पत्ति अपने नाम करवा लेने के बाद बूढ़े माता-पिता को घर से निकाल दिया है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने अधिकारियों को अधिनियम में बदलाव करने के निर्देश दिए थे। सूत्र ने बताया कि मंत्रालय की ओर से अधिनियम में संशोधन को अंतिम रूप दिया जा चुका है। जल्द ही इसे कैबिनेट में रखा जाएगा, जहां से मंजूरी के बाद इसे राज्यों को भेज दिया जाएगा। इस कानून को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य की होगी।

वित्तीय मदद सीमा बढ़ेगी
मां-बाप को जीवनयापन के लिए बच्चों की ओर से हर माह दी जाने वाली वित्तीय मदद (10 हजार रुपए) की सीमा भी हटाई जाएगी। गैर-सरकारी संगठन हैल्पएज ने 2014 में जारी अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि भारत में 10 करोड़ से अधिक बूढ़े लोग रहते हैं। इनमें से करीब एक करोड़ लोगों को उनके ही बच्चों ने सम्पत्ति विवाद के चलते घर से बाहर निकाल दिया है।

पीड़ित मां-बाप यहां शिकायत कर सकेंगे
राज्यों में मैंटीनैंस ट्रिब्यूनल या अपीलेट ट्रिब्यूनल में पीड़ित मां-बाप इसकी शिकायत कर सकेंगे। इन ट्रिब्यूनल के पास सिविल कोर्ट के अधिकार हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक 53.2 प्रतिशत मामले ऐसे हैं जिनमें माता-पिता से दुर्व्यवहार का कारण सिर्फ सम्पत्ति है।

Exit mobile version