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बुराड़ी के बाद हजारीबाग में एक ही परिवार को 6 लोगों की मौत, मैथ के फार्मूले में सुसाइड नोट

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हजारीबागः बुराड़ी में एक ही परिवार के लोगों की मौत लोग भूल नहीं पाए थे कि अब झारखंड के हजारीबाग में वैसी ही मिलती-जुलती घटना सामने आई है।  हजारीबाग में एक ही परिवार के 6 सदस्यों ने कथित तौर पर सुसाइड किया है। 6 लोगों की मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस को घर में एक लिफाफे पर सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में मैथ के फार्मूले से खुदकुशी को समझाया गया है। सुसाइड नोट के मुताबिक परिवार ने कर्ज से परेशान होकर तनाव के चलते सामूहिक खुदकुशी की है। वहीं पुलिस इस केस में हर पहलू से जांच कर रही है। परिवार के छह सदस्यों में से पांच ने फंसे से लटक कर खुदकुशी की है जबकि एक सदस्य ने छत से कूछ कर जान दी है।
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मरने वाले सदस्यों में-माता-पिता, बेटा-बहू और पोता-पोती शामिल हैं। मृतक महावीर महेश्वरी (70 साल) हजारीबाग के महावीर स्थान चौक पर ड्राई फ्रूट्स होलसेल की दुकान चलाते थे। उनका शव और उनकी पत्नी किरण महेश्वरी (65) का शव फंदे से लटका हुआ था जबकि इकलौते बेटे नरेश अग्रवाल (40) का शव पांचवे फ्लोर के नीचे मिली है, आशंका है कि उन्होंने कूद कर खुदकुशी की हो।  बहू प्रीति अग्रवाल (37) का शव  पलंग और पोती यान्वी (6 साल) का शव सोफे पर मिला है। जबकि पोता यमन (11) का गला कटा हुआ था।

ये लिखा सुसाइड नोट में
घटनास्थल से मिले एक लिफाफे पर सुसाइड नोट लिखा हुआ है। इसमें लिखा है कि यमन को लटका नहीं सकते थे इसलिए हत्या की गई। आगे गणित के फार्मुले से खुदकुशी को समझाया गया है। ‘बीमारी+दुकान बंद+ दुकानदारों का बकाया न देना+ बदनामी+ कर्ज= तनाव → मौत।’

वहीं अग्रवाल के नजदीकी रिश्तेदारों और आसपड़ोस के लोगों का कहना है कि पूरा परिवार काफी सीधा था। नरेश के चचेरे भाई बताया कि इनका बिजनैस काफी फैला हुआ था लेकिन मार्किट में पैसा फंसा हुआ था। नरेश के भाई के मुताबिक इनका करीब 50 लाख रुपए तक की रकम फंसी हुई थी। पैसा नहीं मिलने से ये लोग परेशान थे क्योंकि इन पर कर्जा चढ़ रहा था। हालांकि दो महीने पहले पूरा परिवार टूर पर गया था।

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