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बिहार में बड़ा सियासी बदलाव: केबिनेट में इन्हें मिली जगह

02 06 2019

पटना। बिहार में रविवार को बड़ा सियासी बदलाव हुआ। पूर्वाह्न 11.30 बजे राजभवन में राज्‍य के नीतीश मंत्रमंडल का विस्तार (Cabinet Expansion) किया गया। राजभवन में आठ नए मंत्रियों ने पद व गोपनीयता की शपथ ली। बाद में उनके विभागों की भी घोषणा कर दी गई।
खास बात यह है कि इस विस्तार में राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों भारतीय जनता पार्टी (BJP) और लोक जनश्‍ाक्ति पार्टी (LJP) को जगह नहीं मिली। हालांकि, मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने बताया कि इस बाबत उनकी बातचीत हो गई थ्‍ाी लेकिन बीजेपी ने इन्‍हें बाद में भरने का फैसला किया गया।
चर्चा में मंत्रिमंडल विस्‍तार की टाइमिंग
विदित हो कि लोकसभा चुनाव के बाद संसद पहुंचे मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, दिनेश चंद्र यादव और पशुपति कुमार पारस ने इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार को तय माना जा रहा था। लेकिन इस विस्‍तार की टाइमिंग को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में जनता दल यूनाइटेड (JDU) सुप्रीमो नीतीश कुमार (Nitish Kumar) द्वारा सांकेतिक प्रतिनिधित्‍व अस्‍वीकार करने के तीन दिनों बाद बिहार के इस मंत्रिमंडल विस्तार को नीतीश के पलटवार से जोड़कर देखा जा रहा है।
नीतीश बोले: बीजेपी से बात करने के बाद किया विस्‍तार
इस संबंध में नीतीश कुमार ने कहा कि एनडीए में कहीं कोई दरार नहीं है। मंत्रिमंडल विस्‍तार को लेकर बीजेपी से बातचीत हो चुकी थी। बीजेपी ने तय किया कि उनके कोटे का मंत्रिमंडल विस्‍तार आगे किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि रविवार के मंत्रिमंडल विस्‍तार की जरूरत इसलिए थी कि विधानमंडल का सत्र आने वाला है। सत्र के दौरान कम मंत्री रहने के करण मुश्किल होती। मंत्रियों के अधिकांश पद जेडीयू कोटे के ही थे। इसलिए आठ मंत्री बनाए गए।
सुशील मोदी बोले: मंत्रिमंडल विस्‍तार को ले कोई विवाद नहीं
उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्‍तार को लेकर कोई विवाद नहीं है। नीतीश कुमार ने बीजेपी कोटे के मंत्रियों कर रिक्तियां भरने की पेशकश की थी। लेकिन पार्टी नेतृत्‍व ने फिलहाल इसे टाल दिया है। सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में भी इसे दुहराया। बीजेपी प्रवक्‍ता अफजी शमशी ने भी कहा कि मंत्रिमंडल विस्‍तार को नीतीश कुमार की नाराजगी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। नीतीश कुमार नाराज नहीं हैं। मंत्रिमंडल की रिक्तियां जेडीयू कोटे की थीं। SnMo Tweet

मंत्रिमंडल में इन्‍हें मिली जगह

पूर्वाह्न 11.30 बजे राजभवन में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी (Sushil Modi) की उपस्थिति में राज्‍यपाल लालजी टंडन ने जेडीयू कोटे के आठ मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इनमें दो विधन पार्षद व पांच विधायक शामिल रहे। शपथ लेने वालों में अशोक चौधरी, नीरज कुमार, संजय झा, लक्ष्‍मेश्‍वर राय, नरेंद्र नारायण्‍ा यादव, बीमा भारती, श्‍याम रजक व रामसेवक सिंह शामिल हैं। मंजू वर्मा के इस्‍तीफा के बाद नीतीश मंत्रिमंडल में कोई महिला मंत्री नहीं थीं। बीमा भारती इस कमी की भरपाई करेंगी।
मंत्रियों को मिले ये विभाग
शपथ ग्रहण के बाद मंत्रियों के विभागों का भी बंटवारा कर दिया गया। आइए डालते हैं नजर…
– अशोक चौधरी: भवन निर्माण विभाग
– नीरज कुमार: सूचना व जनसंपर्क विभाग
– संजय झा: जल संसाधन विभाग
– महेश्‍वर हजारी: योजना व विकास विभाग
– जयकुमार सिंह: विज्ञान व तकनीक विभाग
– बीमा भारती: गन्‍ना विकास विभाग
– श्‍याम रजक: उद्योग विभाग
– रामसेवक सिंह: समाज कल्‍याण विभाग
बिहार मंत्रिमंडल में थीं 11 रिक्तियां
बिहार में मंत्रियों की संख्या 25 रह गईं थीं। इनमें जदयू के 12 और भाजपा के 13 शामिल थे। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में मुख्‍यमंत्री को मिलाकर कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। आज के शपथ ग्रहण के पहले तक 25 मंत्री थे। इसलिए मंत्रिमंडल में 11 रिक्तियां थीं। इनमें बीजेपी के दो मंत्री रिक्‍त पद शामिल हैं। अगले साल विधानसभा का चुनाव होने वाला है। इसलिए संभावना है यह नीतीश कैबिनेट का अंतिम विस्तार हो।का विस्तार (Cabinet Expansion) किया गया। राजभवन में आठ नए मंत्रियों ने पद व गोपनीयता की शपथ ली। बाद में उनके विभागों की भी घोषणा कर दी गई।

खास बात यह है कि इस विस्तार में राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों भारतीय जनता पार्टी (BJP) और लोक जनश्‍ाक्ति पार्टी (LJP) को जगह नहीं मिली। हालांकि, मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने बताया कि इस बाबत उनकी बातचीत हो गई थ्‍ाी लेकिन बीजेपी ने इन्‍हें बाद में भरने का फैसला किया गया।
चर्चा में मंत्रिमंडल विस्‍तार की टाइमिंग
विदित हो कि लोकसभा चुनाव के बाद संसद पहुंचे मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, दिनेश चंद्र यादव और पशुपति कुमार पारस ने इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार को तय माना जा रहा था। लेकिन इस विस्‍तार की टाइमिंग को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में जनता दल यूनाइटेड (JDU) सुप्रीमो नीतीश कुमार (Nitish Kumar) द्वारा सांकेतिक प्रतिनिधित्‍व अस्‍वीकार करने के तीन दिनों बाद बिहार के इस मंत्रिमंडल विस्तार को नीतीश के पलटवार से जोड़कर देखा जा रहा है।
नीतीश बोले: बीजेपी से बात करने के बाद किया विस्‍तार
इस संबंध में नीतीश कुमार ने कहा कि एनडीए में कहीं कोई दरार नहीं है। मंत्रिमंडल विस्‍तार को लेकर बीजेपी से बातचीत हो चुकी थी। बीजेपी ने तय किया कि उनके कोटे का मंत्रिमंडल विस्‍तार आगे किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि रविवार के मंत्रिमंडल विस्‍तार की जरूरत इसलिए थी कि विधानमंडल का सत्र आने वाला है। सत्र के दौरान कम मंत्री रहने के करण मुश्किल होती। मंत्रियों के अधिकांश पद जेडीयू कोटे के ही थे। इसलिए आठ मंत्री बनाए गए।
सुशील मोदी बोले: मंत्रिमंडल विस्‍तार को ले कोई विवाद नहीं
उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्‍तार को लेकर कोई विवाद नहीं है। नीतीश कुमार ने बीजेपी कोटे के मंत्रियों कर रिक्तियां भरने की पेशकश की थी। लेकिन पार्टी नेतृत्‍व ने फिलहाल इसे टाल दिया है। सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में भी इसे दुहराया। बीजेपी प्रवक्‍ता अफजी शमशी ने भी कहा कि मंत्रिमंडल विस्‍तार को नीतीश कुमार की नाराजगी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। नीतीश कुमार नाराज नहीं हैं। मंत्रिमंडल की रिक्तियां जेडीयू कोटे की थीं।

मंत्रिमंडल में इन्‍हें मिली जगह
पूर्वाह्न 11.30 बजे राजभवन में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी (Sushil Modi) की उपस्थिति में राज्‍यपाल लालजी टंडन ने जेडीयू कोटे के आठ मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इनमें दो विधन पार्षद व पांच विधायक शामिल रहे। शपथ लेने वालों में अशोक चौधरी, नीरज कुमार, संजय झा, लक्ष्‍मेश्‍वर राय, नरेंद्र नारायण्‍ा यादव, बीमा भारती, श्‍याम रजक व रामसेवक सिंह शामिल हैं। मंजू वर्मा के इस्‍तीफा के बाद नीतीश मंत्रिमंडल में कोई महिला मंत्री नहीं थीं। बीमा भारती इस कमी की भरपाई करेंगी।
मंत्रियों को मिले ये विभाग
शपथ ग्रहण के बाद मंत्रियों के विभागों का भी बंटवारा कर दिया गया। आइए डालते हैं नजर…
– अशोक चौधरी: भवन निर्माण विभाग
– नीरज कुमार: सूचना व जनसंपर्क विभाग
– संजय झा: जल संसाधन विभाग
– महेश्‍वर हजारी: योजना व विकास विभाग
– जयकुमार सिंह: विज्ञान व तकनीक विभाग
– बीमा भारती: गन्‍ना विकास विभाग
– श्‍याम रजक: उद्योग विभाग
– रामसेवक सिंह: समाज कल्‍याण विभाग
बिहार मंत्रिमंडल में थीं 11 रिक्तियां
बिहार में मंत्रियों की संख्या 25 रह गईं थीं। इनमें जदयू के 12 और भाजपा के 13 शामिल थे। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में मुख्‍यमंत्री को मिलाकर कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। आज के शपथ ग्रहण के पहले तक 25 मंत्री थे। इसलिए मंत्रिमंडल में 11 रिक्तियां थीं। इनमें बीजेपी के दो मंत्री रिक्‍त पद शामिल हैं। अगले साल विधानसभा का चुनाव होने वाला है। इसलिए संभावना है यह नीतीश कैबिनेट का अंतिम विस्तार हो।

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