बरही कुआं रेंज के जंगलों में शावको की तलाश में स्थायी नही हो रही बाघिन, उधर रेस्क्यू टीम को चकमा देकर बार बार बाघिन लुप्त हो रही है । एक अपने शावकों के लिए परेशान है तो दूसरा बाघिन के लिए। जंगल क्षेत्र में दहशत बरकरार है। बरही/कटनी। एक सप्ताह पूर्व बरही वन क्षेत्र के मचमचा-कुआँ जंगल से ट्रेंकुलाइज हुए दो मादा शावको के बाद क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन चुकी आदमखोर बाघिन को पकड़ने में वन विभाग व नेशनल पार्क की रेस्क्यू टीम को अभी तक सफलता नही मिल पाई है। लगातार 4 हाथियो के दल के साथ रेस्क्यू टीम जंगल का खाक छान रही है, लेकिन आदमखोर बाघिन हर बार चकमा देकर लुप्त हो जाती है। बाघिन की चहल-कदमी हालांकि कुआँ जंगल के ददरा, मचमचा क्षेत्र में ही है। ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है कि आज नही तो कल सोमवार तक हर हालात में आदमखोर बाघिन को ट्रेंक्यूलाइज करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। शावको की तलाश में विचलित है बाघिन वन विभाग के सूत्रों की माने तो आदमखोर बाघिन अपने दोनों शावको की तलाश पदचिन्हों के आधार पर कुआँ, मचमचा, ददरा क्षेत्र में ही भटक रही है। वही सूत्रों की माने तो रेस्क्यू तीन ने आदमखोर बाघिन को ट्रेंक्यूलाइज करने के लिए स्थल का चयन कर लिया है, जहा पूरी मुस्तैदी बरती जा रही है। वही शावको की तलाश में बाघिन बिचलित है, जो सुबह कही और तो शाम को रात की किसी अन्य क्षेत्र में नजर आ रही है। गौरतलब है कि आदमखोर बाघिन ने क्षेत्र के दो महिला सहित एक पुरुष को मौत के घाट उतार दिया, वही एक बालिका को घायल कर दिया था, जिसके बाद वन क्षेत्र से सटे ग्राम कुआँ, ददरा, मचमचा, कुठिया-मोहगवां, झिरिया, करौदी आदि क्षेत्र के ग्रामीण दहशत के साए में जीवन बसर कर रहे है। आदमखोर बाघिन के पकड़े जाने के बाद ही क्षेत्र के ग्रामीणों को राहत मिल पाएगी। जंगल मे खाक छान रही रेस्क्यू टीम को जल्द ही आदमखोर बाघिन को पकड़ने की उम्मीद है।