- विगढ़ में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझते ही बाकल में वारदात से सनसनी
- अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध हत्या व साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
कटनी। विजयराघवगढ़ थाना अंतर्गत जमीनी विवाद को लेकर की गई 30 वर्षीय अभिषेक ताम्रकार आरी से गर्दन काटकर की गई नृशंस हत्या की गुत्थी सुलझा कर फुर्सत ही हुई थी कि कल रविवार की दोपहर हाथीभार के जंगलों में गोंद निकलवाने गए एक 30 वर्षीय युवक की शून्य नदी में लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी व पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। लाश मिलने की जानकारी लगते ही खुद पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी बाकल पहुंचे और थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय से विस्तृत विवरण लेने के बाद अंधे कत्ल की गुत्थी से पर्दा उठाने के निर्देश दिए।
एसपी से निर्देश मिलने के बाद बाकल पुलिस ने सार्ट पीएम रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध हत्या कर साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक बाकल थाना अंतर्गत ग्राम गौरहा निवासी 30 वर्षीय भूरा उर्फ हीरालाल पिता पंछीलाल राय गांव से लगे हाथीभार के जंगलों में गोंद निकलवाने का काम करता था तथा कभी कभी वह रात जंगल में ही रूक जाता था।
भूरा बीती 7 फरवरी को घर से अपने काम पर जंगलों में गया और शाम को अपनी मां चिंता बाई से बात की। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। इसके बाद दो दिनों तक उसने घर पर कोई संपर्क नहीं किया तो चिंतित मां चिंता बाई ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने गुमइंसान कायम करते हुए भूरा की तलाश शुरू की।
इसी बीच कल रविवार की दोपहर 12 बजे के लगभग जंगल से होकर गुजरी शून्य नदी के हाथीडोल घाट पर माता मंदिर के पास उसकी लाश उतराती देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बाकल थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उधर इस बात की जानकारी लगने के बाद पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी भी बाकल पहुंच गए।
बताया जाता है कि भूरा के गले व पेट में धारदार हथियार से किए गए चोट के निशान हैं तथा चिकित्सकों ने भी सार्ट पीएम रिपोर्ट में उसकी धारदार हथियार से हत्या किये जाने की बात कही है। जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध हत्या कर साक्ष्य छिपाने का मामला धारा 302, 201, 34 के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
मूलत: छतरपुर का रहने वाला था मृतक
एक जानकारी में बाकल थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि भूरा उर्फ हीरालाल राय मूलत: छपरपुर जिले का रहने वाला था। गौरहा में वह अपने मौसिया के माध्यम से सात साल से रहने लगा था। भूरा जंगल में गोंद निकालने का ठेका लेने वाली ग्वालियर की किसी ठेका कंपनी में सुपरवाइजर का काम करता था। रात हो जाने पर वह जंगल में घांस फूंस की झोपडिय़ों में रहने वाले बर्मन परिवार के यहां रूक जाया करता था।
नग्नावस्था में मिली लाश
पुलिस के मुताबिक भूरा की लाश नदी से नग्नावस्था में बरामद की गई है तथा नदी के समीप ही उसके कपड़े जलाए जाने के निशान भी मिले हैं। जिससे यह प्रतीत होता है कि आरोपियोंं ने उसकी हत्या करने के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए उसके कपड़े जला दिए और लाश को नग्नावस्था में नदी में फेंक दिया।
संदिग्ध हिरासत में, पूछताछ जारी
बाकल थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय के मुताबिक भूरा के संपर्क में रहने वाले सभी संदिग्ध लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मामले से जल्द ही पर्दा उठेगा।

