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यकीन नहीं पर सच है..23 साल बाद माता-पिता की तलाश में सुनील पहुँचा कटनी, फिर क्या हुआ..

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अजीब दास्तां है ये…सम्भवतः बरही का एक बालक 5 वर्ष की उम्र में घर से ट्रेन में बैठकर  बनारस पहुंच गया  बाल सुधार गृह के बाद एनजीओ में अपना बचपन और फिर यहीं पर नॉकरी के साथ जवानी बिता थी फिर अचानक उसे एक दिन अपने घर की याद आई उसके बाद की यह कहानी किसी फिल्म स्टोरी से कम नहीं। आप भी पढिये।

कटनी/बरही। 28 साल का युवा सुनील कुमार 23 साल बाद अपने गांव व माता-पिता की तलाश के लिए शनिवार की सुबह कटनी पहुँचा, जो अपने पिता का नाम लल्लन व माँ का नाम कला बता रहा है, लेकिन उसे यह नही मालूम की उसका गांव कटनी जिले में कहा है, वह किस जाति व समाज का है, उसकी माँ कौन है, वह कैसी दिखती है, इन सभी सवालों को लेकर कटनी आया हुआ है और पुलिस से मदद की आरजू कर रहा है। सुनील को सिर्फ इतना पता है कि 5 साल की उम्र में वह कटनी से ट्रेन में बैठकर भाग गया था।

सुनील की यह अजीव दास्तां सुनकर पुलिस भी परेशान है। 23 साल बाद कटनी लौटा सुनील कुमार सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँच गया, जहा वह पुलिस वालों को अपनी दास्तां सुना रहा है।

सुनील के मुताबिक कटनी से भागने के दौरान वह ट्रेन में सो गया था, जो उत्तर प्रदेश के रामनगर-बनारस स्थित अनाथालय बाल सुधार गृह पहुँच गया।

18 साल की उम्र से वह मऊ स्थित एनजीओ द्वारा संचालित सिलाई-कढाई सेंटर में चपरासी की नोकरी 10 साल से कर रहा है। सुनील के जेहन में बस इतना याद है कि वह कटनी जिले का रहने वाला है, पिता का हुलिया उसे थोड़ा याद है। फिलहाल उसे उम्मीद है कि वह अपने परिवार की तलाश पुलिस की मदद से कर लेगा। सुनील कुमार का मोबाइल नंबर 9839 784 927 है।

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