श्योपुर। एक महीने में 18 कुपोषित बच्चों की मौत के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री इमरती देवी ने रविवार को विजयपुर क्षेत्र के उन गांवों का दौरा किया, जहां बच्चों ने दम तोड़ा है। सहसराम के खुर्रका गांव में रविवार को छुट्टी के दिन आंगनबाड़ी खुला हुआ था, यहां पर 35 से ज्यादा बच्चे खाना खा रहे थे।
यह देखकर मंत्री भड़क गईं और कहा कि छुट्टी के दिन भी आंगनबाड़ी खोलकर बच्चों को खाना खिलाया जा रहा है। हर रविवार को ऐसा ही होता है क्या? इस पर किसी अफसर का कोई जवाब नहीं आया तो मंत्री ने कहा मैं आई हूं, इसलिए ये झांकी जमाई है।
खुर्रका आंगनबाड़ी पर खाना खा रहे बच्चों से मंत्री ने पूछा कि रोज ऐसा खाना मिलता है यहां, तो कई बच्चे बोले रोज ऐसा अच्छा खाना नहीं मिलता। इसके बाद मंत्री ने गांव की महिलाओं से पूछा तो आदिवासी महिलाओं ने बताया कि आंगनबाड़ी पर बच्चों को भरपेट खाना ही नहीं मिलता।
कई बार बच्चे भूखे लौटाए जाते हैं। इससे नाराज मंत्री ने सहसराम सेक्टर की सुपरवाइजर रेखा अग्रवाल को सस्पेंड करने के आदेश दिए। इसके बाद खाना देने वाले समूह को बदलकर महिलाओें को देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मंत्री पीडीएस राशन वितरण, आंगनबाड़ियों पर मध्यान्ह भोजन से खासी नाराज दिखीं।
17 महीने से नहीं मिला राशन, मुर्गों पर मिली मच्छरदानी
खुर्रका के बाद शिवलालपुरा गांव मंत्री पहुंची और मृत बच्चे के माता-पिता से मिलीं। यहां महिलाओं ने मंत्री इमरती देवी को बताया कि 17 महीने से उन्हें पीडीएस राशन नहीं मिल रहा। इस पर मंत्री नाराज हुईं और फूड इंस्पेक्टर पर कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर को दिए। मंत्री उस समय चौंक गई जब एक घर में पल रहीं मुर्गियों पर वह मच्छरदानी डली थी जो, स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों से बचने के लिए दी थी।
इसे देखकर मंत्री ने आदिवासी महिला से कहा कि मच्छरदानी का उपयोग आप करो, मुर्गा-मुर्गी के लिए नहीं है। इसके बाद मंत्री ने बड़ौदाकलां, अगरा सेक्टर का भी दौरा किया। फिर विजयपुर रेस्ट हाउस में अफसरों की बैठक ली। इस दौरान चंबल कमिश्नर रेनू तिवारी, कलेक्टर बसंत कुर्रे, एसपी नगेन्द्र सिंह आदि अफसर मौजूद थे।

