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बंगाल में बवाल, CBI अफसरों और पुलिस में टकराव, संवैधानिक संकट, CM-DGP धरने पर

कोलकाता। शारदा चिटफंड घोटाले की गायब फाइलें जब्त करने कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के घर पहुंची सीबीआई टीम व स्थानीय पुलिस के बीच रविवार शाम टकराव हो गया।

दोनों के अफसरों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई तक हो गई। पुलिस ने सीबीआइ के ड्राइवर और पांच अफसरों को हिरासत में ले लिया।

हालांकि तीन घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया। दो जांच एजेंसियों के बीच ऐतिहासिक तकरार के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी कुमार के घर पहुंचीं।

रात नौ बजे उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर राज्य में तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कोलकाता मेट्रो स्टेशन के बाहर कुर्सी लगाकर धरना शुरू कर दिया।

बंगाल सरकार के रवैये के खिलाफ सीबीआइ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की शरण में जा सकती है। पश्चिम बंगाल से लेकर ओडिशा तक फैले शारदा चिटफंड घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में सीबीआइ को सौंपी थी।

करीब 2500 करोड़ रुपये के इस घोटाले के आरोपितों के तृृणमूल नेताओं से संबंध रहे हैं। इसके साथ ही रोज वैली घोटाले की जांच भी सीबीआइ कर रही है, जो 17000 करोड़ रुपये का है।

समन पर नहीं आए थे पुलिस आयुक्त शारदा चिटफंड घोटाले को लेकर कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार जांच के घेरे में हैं। सीबीआइ ने उन्हें तलब किया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे थे।

इसी सिलसिले में रविवार को सीबीआइ की 40 सदस्यीय टीम उनके घर पहुंची थी। लेकिन स्थानीय पुलिस ने उन्हें कुमार के बंगले में नहीं घुसने दिया। पुलिस की सीबीआइ टीम के अफसरों से हाथापाई हुई।

पुलिस उन्हें विधाननगर थाने ले गई और पांच सीबीआइ अफसरों व ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि तीन घंटे बाद रिहा कर दिया गया। पुलिस ने सीबीआइ दफ्तर पर भी कब्जा कर लिया। लेकिन केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ की तैनाती के बाद पुलिस वहां से हट गई।

गायब हैं घोटाले के दस्तावेज कुमार 1989 बैच के आइपीएस अफसर हैं। उन्होंने शारदा घोटाले की जांच करने वाले एसआइटी का नेतृृत्व किया था। इस मामले से जुड़ी कुछ अहम फाइलें व दस्तावेज गायब हैं। सीबीआइ को डर है कि घोटाले से जुड़े अहम दस्तावेज नष्ट किए जा सकते हैं। इसी सिलसिले में सीबीआइ कुमार से पूछताछ करना चाहती है।

डोभाल के इशारे पर काम कर रही सीबीआई : ममता तृृणमूल कांग्रेस प्रमुख व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीबीआई पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि 19 जनवरी को कोलकाता में 20 विपक्षी दलों की रैली से घबराकर मोदी और अमित शाह बदले की राजनीति कर रहे हैं। देश में आपातकाल से भी बुरे हालात हैं।

आज बजट पेश नहीं करेंगीं

उन्होंने कहा, मैं कल (सोमवार) विधानसभा में बजट पेश नहीं करूंगी। संविधान बचाने के लिए धरने पर बैठ रही हूं। ममता ने कहा कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है। हम सारे दस्तावेज सीबीआई से साझा क्यों करें।

संवैधानिक विद्रोह की साजिश : तृृणमूल तृृणमूल के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरिक ओ ब्रायन ने कहा कि भाजपा ने संवैधानिक विद्रोह व राज्य सरकार के तख्तापलट की साजिश है। हम सभी विपक्षी दलों के साथ मिलकर भाजपा हटाओ संविधान बचाओ, देश बचाओ अभियान छेड़ेंगे। विपक्ष के तेवरों को देखते हुए सोमवार को संसद के दोनों सदनों में भी हंगामे के प्रबल आसार हैं।

सीबीआइ को रोकना निंदनीय :

भाजपा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि सीबीआइ महत्वपूर्ण संगठन है और उसकी कार्रवाई को रोकना निंदनीय है।

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