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फैसला खारिज : अब दो हिस्सों में नहीं बंटेगा भोपाल नगर निगम

bhopal hadsa ganesh visarja

भोपाल। भोपाल नगर निगम को दो हिस्सों में बांटने के लिए मंगलवार को सभी की बैठक बुलाई गई, विरोध के बाद इस फैसले को खारिज कर दिया गया। इस बैठक में महापौर आलोक शर्मा ने आरोप लगाया कि बंटवारा धर्म के आधार पर किया जा रहा है। ऐसा नहीं होना चाहिए। महापौर और भाजपा पार्षदों ने सभापति को घेर लिया और इसका विरोध किया। उधर वहां मौजूद कांग्रेस पार्षद इसका समर्थन करते नजर आए। बैठक में कांग्रेस पार्षद कम संख्या में देखने को मिले। कलेक्टर ने निगम के बंटवारे को लेकर यह बैठक बुलाई थी और सभी पार्षदों को इसकी सूचना दी गई थी। कांग्रेस लगातार भोपाल नगर निगम को दो हिस्सों में बांटने की मांग कर रही है और बैठक में उन्हीं के सभी पार्षद नहीं पहुंचे। बैठक के बाद इस पर फैसला भी लिया जाना था कि जिस पर विरोध को देखते हुए भोपाल नगर निगम को दो हिस्सों में बांटने का फैसला खारिज हो गया। महापौर ने कहा कि कलेक्टर का ड्राफ्ट गलत तरीके से पेश किया गया। दावे आपत्तियों को लेकर एक महीने का वक्त देना था। कोर्ट में याचिका लगाएंगे।

भोपाल नगर निगम में पार्षदों की कुल 85 है इसमें से 55 भाजपा और 29 पार्षद कांग्रेस के हैं। जब से कांग्रेस सरकार ने निगम के हिस्से करने का मन बनाया है, भाजपा तभी से लगातार इसका विरोध कर रही थी। बार-बार नेताओं द्वारा यह तर्क दिया जा रहा था कि भोपाल इतना बड़ा शहर नहीं है कि उसके लिए दो नगर निगम की जरूरत हो।

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