Site icon Yashbharat.com

प्रोफेसर बेटे ने बीमार मां की सेवा करने की बजाय छत से फेंका

images 25 1

अहमदाबाद। गुजरात के राजकोट शहर में एक कलयुगी बेटे का खौफनाक चेहरा सामने आया है। जहां बीमार मां की सेवा करने के बजाय उसे चौथी मंजिल से फेंक दिया। यह घटना तीन महीने पहले की है। पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज किया था। लेकिन थाने में की गई एक गुमनाम अर्जी के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किया तब इस घटना का पर्दाफाश हुआ। राजकोट पुलिस ने मां की हत्या के आरोप में प्रोफेसर बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक राजकोट के 150 फूट रोड नाणावटी चौके के पास स्थित रामेश्वर एपार्टमेन्ट में जयश्रीबेन (64) अपने बेटे संदिप नाथवाणी (35) तथा बहू के साथ रहती थी। जय श्री बेन सेवानिवृत शिक्षक थी। जबकि बेटा संदीप राजकोट के बी.के मेडकिल गर्वमेन्ट कालेज में असिस्टेंस प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत है। जयश्री बेन को दिमागी बीमारी थी । उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। सितम्बर महीने में चौथी मंजिल से गिर कर मौत हो गई थी। उस समय पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर जांच की थी।

राजकोट डीसीपी करणसिंह वाघेला ने बताया कि घटना के तीन महीने बाद एक जागृत नागरिक ने पुलिस कंट्रोल रुम को पत्र लिखकर यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या होने की बात कही थी। जिसके आधार पर पुलिस ने अपार्टमेन्ट में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पता चला कि जयश्रीबेन तबियत खराब होने से चल नहीं पा रही थी। लेकिन संदीप उन्हें उठाकर बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर ले जाता है। वहां से अपनी मां को धक्का दे देता है। इसके बाद वह अपनी माता का चप्पल पहनकर लिफ्ट से नीचे उतरता है और अपने कमरे में जाता है।

डीसीपी के मुताबिक आरोपी प्रोफेसर बेटे संदिप को गिरफ्तार कर लिया है। पुछताछ में उसने कबूल किया है कि मां को दिमागी बीमारी थी। मां के इलाज के लिए वे परिवार के साथ जामनगर से राजकोट आ गये थे। राजकोट में 4 से 14 सितंबर तक उसकी मां अस्पताल में भर्ती थी।

आरोपी संदीप ने कहा कि वह अपनी मां की सेवा करते-करते वह परेशान हो गया था। इसके अलावा घर कंकास और सामाजिक प्रश्न भी जिम्मेदार थे। इसलिए अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसने मां को चौथी मंजिल पर ले जाकर धक्का दे दिया। पुलिस ने आरोपी बेटे का बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

Exit mobile version