प्रशांत भूषण मामले में एक रुपये का जुर्माने को लेकर अनुपम खेर ने किया कटाक्ष, कही ये बात
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना मामले पर फैसला सुनाते हुए एक रुपये का जुर्माना लगाया।
बीती जून को प्रशांत भूषण ने ट्विटर पर देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे और चार पूर्व मुख्य न्यायाधीशों को लेकर टिप्पणी की थी।
साथ ही उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के कामकाज को लेकर टिप्पणी की थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अनुपम खेर बॉलीवुड के उन सितारों में से एक हैं जो देश के सामाजिक राजनीतिक मुद्दों पर अक्सर अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए जाने जाते हैं।
वह कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय भी रखते रहते हैं। अनुपम खेर ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कटाक्ष किया है। जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है।
अनुपम खेर ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘एक रुपया दाम लगाया सुप्रीम कोर्ट ने बंदे का ! और वह भी उसने अपने वकील से लिया!! जय हो!! सोशल मीडिया पर अनुपम खेर का यह ट्वीट तेजी से वायरल हो रहा है।
अभिनेता के फैंस और तमाम सोशल मीडिया यूजर उनके इस कटाक्ष भरे ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
बता दें कि 22 जून को वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे और चार पूर्व मुख्य न्यायाधीशों को लेकर टिप्पणी की थी।
एक रुपया दाम लगाया सुप्रीम कोर्ट ने बंदे का ! और वो भी उसने अपने वक़ील से लिया!!जय हो!! 🙂
— Anupam Kher (@AnupamPKher) August 31, 2020
वहीं 27 जून को ट्विटर पर प्रशांत भूषण ने सर्वोच्च न्यायालय के छह साल के कामकाज को लेकर टिप्पणी की थी।
इन ट्वीट्स पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की थी। अदालत ने उन्हें नोटिस भेजा था।
इसके जवाब में भूषण ने कहा था कि सीजेआई की आलोचना करना उच्चतम न्यायालय की गरिमा को कम नहीं करता है।
उन्होंने कहा था कि पूर्व सीजेआई को लेकर किए गए ट्वीट के पीछे मेरी एक सोच है, जो बेशक अप्रिय लगे लेकिन अवमानना नहीं है।
जिसके बाद इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण के अवमानना के मामले में फैसला सुनाते हुए उनके ऊपर एक रुपये का जुर्माना लगाया।
जिसके बाद वरिष्ठ अभिभाषक राजीव धवन ने जुर्माना भरने के लिए भूषण को एक रुपया का सिक्का दिया।








