मुरैना। नए वर्ष में हमने संकल्प लिया है कि 26 जनवरी तक मुरैना सहित प्रदेश के 10 जिलों में निजी एजेंसी के सहयोग से सिटी स्केन की सुविधा शुरू की जाएगी। इस जांच के निजी सेंटरों पर साढ़े तीन से चार हजार तक लगते हैं, जबकि इन जिलों में जांच महज 933 रूपए में हो सकेगी। यदि ये प्रयोग सफल रहता है तो ग्वालियर सहित अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।
लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री रूस्तम सिंह ने यह बात रविवार को जयारोग्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। वे यहां रवि नाम के एक मरीज के स्वास्थ्य लाभ की जानकारी लेने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि न्यूरोसर्जरी की जो सुविधा एवं डॉक्टर जेएएच में हैं, ऐसे प्रदेश में कहीं नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिला अस्पताल एवं हजीरा सिविल अस्पताल में बेड संख्या बढ़ाने की कार्रवाई जारी है, ये देखा जा रहा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर एवं स्टॉफ कितना बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी का कारण पिछले 40 साल में कोई नया मेडिकल कॉलेज नहीं खुलना है। अब नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं तो आगामी समय में मध्यप्रदेश में ही करीब 3 हजार डॉक्टर तैयार होंगे। इसके अलावा हमने आयुष चिकित्सकों को भी एलोपैथी में उपचार की इजाजत दी है। न्यायालय में मामला होने के कारण फिलहाल प्रमोशन नहीं हो पा रहे हैं, निर्णय होते ही प्रमोशन की कार्रवाई तेज गति से की जाएगी।
परिजन चढ़ाई कर देते हैं, रैफर करना मजबूरी
स्वास्थ्य मंत्री से जब जिला अस्पताल से मरीजों को रैफर करने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए। लेकिन क्या करें एक्सीडेंट वाले गंभीर मरीज आते हैं तो परिजन अस्पताल पर चढाई कर देते हैं। ऐसे में डॉक्टर सीधे रैफर करना ही बेहतर समझते हैं। मरीज गंभीर स्थिति में होता है, ऐसे में यदि हालत बिगड़ती है तो परिजन हंगामा कर देते हैं। परिजनों को भी समझना चाहिए कि डॉक्टरों की भी सीमा होती है, इससे ज्यादा वह क्या कर सकते हैं।
हम उसकी नौकरी ले लेंगे
स्वास्थ्य मंत्री से जब अनधिकृत क्लीनिकों को बंद करने के बाद खोले जाने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि कोई एक हरिश्चंद्र की औलाद आप हमें बता दो। हमने निर्देश दिए हैं कि ईमानदारी से कार्रवाई करें। यदि कोई क्लीनिक बंद करने के बाद पैसे लेकर खोल रहा है तो आप हमें बताओ, उसकी नौकरी हम ले लेंगे।

