पॉवर पॉलिटिक्स में सिंधिया ने मारी बाजी? तेजी से बदल रहे एमपी के राजनीतिक हालात, पढ़ें पूरी खबर

भोपाल । MP News कांग्रेस विधायक के फिर से लापता होने की खबर के बाद फिर से राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। उधर आज नेताओं से मेल-मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को दिल्‍ली में कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की।इसके बाद तेजी से घटे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सीएम शाम को राजधानी पहुंच गए।स्‍टेट हैंगर से वे सीएम हाउस के लिए रवाना हुए।

इस बीच यह भी खबर है। कि पावर पॉलिटिक्स के दांव में सिंधिया बाजी मारते नजर आ रहे है। बताया जा रहा कि उन्हें पीसीसी चीफ के साथ राज्यसभा में भेजने की सहमति कांग्रेस में बन गई है।

कहीं न कही यह इस बात को इशारा करती है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की इतने दिनों की कवायद सम्भवतः बेकार जाती दिख रही है।

वहीं दिल्‍ली में मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा कि जाे मार्गदर्शन सोनिया गांधी ने दिया है उसका पूरी तरह पालन करुंगा। कमलनाथ की इससे पहले ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया से मुलाकात की भी जानकारी मिली है। कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी से अब रहा नहीं जा रहा। 15 वर्षों के दौरान उन्‍होंने जो भ्रष्‍टाचार किया है वह अब उजागर हो रहा है इससे वे क्षुब्‍ध हैं।

वहीं प्राप्‍त जानकारी के अनुसार सिंधिया गुट के एक दर्जन से अधिक विधायकों और मंत्रियों के बेंगलुरु जाने की अपुष्‍ट खबरें सामने आ रही हैं। कुछ विधायकों के माेबाइल भी बंद बताए जा रहे हैं। प्रदेश के खुफ‍िया विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि सिंधिया खेमे के मंत्री और विधायक चार्टर्ड प्‍लेन से बेंगलुरु भेजे गए हैं।

मंत्री तुलसी सिलावट,महेंद्र सिसोदिया के मोबाइल बंद हैं। वहीं मंत्री डॉक्‍टर गोविंद सिंह को लेने विशेष विमान ग्‍वालियर भेजा गया है। साथ पशुपालन मंत्री लाखन‍ सिंह भी हैं। एक अन्‍य जानकारी के अनुसार सिंधिया और कमलनाथ एक साथ भोपाल पहुंचने वाले हैं।

सुरेंद्र सिंह शेरा ने गृहमंत्री बनने की इच्‍छा जताई

दूसरी ओर विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने गृहमंत्री बनने की इच्‍छा जताई है। एक समाचार चैनल से बातचीत में उन्‍होंने कहा कि वर्तमान गृहमंत्री बाला बच्‍चन में क्षमता नहीं है। वे पुलिस को पब्लिक फ्रेंडली बनाना चाहते हैं। उनके बयान के बाद गृहमंत्री बाला बच्‍चन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी शेरा को अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं हैं। शेरा भाई की राजनीति करने का तरीका अलग है। मंत्रालय देने का काम सीएम और हाईकमान का है। वे मंत्री बनें और ऊंचे ओहदे पर पहुंच जाएं। एक मित्र के नाते हम साथ काम करते रहेंगे।

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