पूजा या इबादत के नाम पर सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण नहीं कर सकता कोई : कोर्ट

चेन्नई। कोई भी व्यक्ति पूजा या इबादत के नाम पर सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण नहीं कर सकता है। लोगों को पूजा का अधिकार है, लेकिन वे इसके नाम पर किसी और के लिए बाधा नहीं खड़ी कर सकते।

मंगलवार को मद्रास हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी एक धर्म विशेष से जुड़े कुछ लोगों द्वारा नुगम्बक्कम इलाके में किए गए नाजायज कब्जे को हटाने के संदर्भ में की है।

इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस और निकाय अधिकारियों को पूजा के लिए पटरी पर लगाए शामियाना को हटाने का आदेश दिया है। इस संबंध में पीठ तीन अगस्त को अगली सुनवाई करेगी।

दरअसल, एक जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि एक इमारत को प्राधिकरण ने पूरी तरह सील कर रखा था, लेकिन कुछ लोगों ने इसके सामने पड़ने वाली पटरी पर शामियाना लगाकर पूजा शुरू कर दी।

इस संबंध में न्यायाधीश एन. किरुबकरन और न्यायाधीश कृष्णन रामास्वामी की पीठ ने पहले चेन्नई कारपोरेशन कमिश्नर और चेन्नई मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथारिटी के सचिव को कोर्ट में पेश होकर इस संबंध में उठाए गए कदमों को बताने के लिए कहा था।

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