श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की ग्राष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में बुधवार को आतंकवदियों से हुई मुठभेड़ के दौरान छह पत्रकारों को पुलिस ने पीट दिया। बाद में पुलिस की तरफ से बयान आया है कि मामले की जांच की जा रही है। घायल पत्रकारों से माफी भी मांगी गई है।
बता दें कि बुधवार को घाटी में एक बार फिर मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर किए गए, वहीं एक जवान शहीद हो गया। इस दौरान घटना को कवर करने वाले पहुंचे पत्रकार असिफ कुरैशी का कहना है ‘हम डीआईजी से बात ही कर रहे थे कि एक पुलिसवाला आया और लाठी से मुझे और मेरे कैमरामैन को पीटने लगा।’
इस मामले पर एक सीनियर अफसर एसपी पानी ने कहा है ‘मैंने खुद पत्रकारों से माफी मांगी है। हमें खेद है कि ऐसा हुआ।’ वैसे यह पहला मौका नहीं है जब घाटी में पत्रकारों को निशाना बनाया गया है। ऐसे मामले दि-ब-दिन बढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या के बाद वहां जर्नलिस्ट डर में जी रहे हैं।
बता दें कि श्रीनगर में बुधवार एक बार फिर मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर किए गए हैं वहीं एक जवान शहीद हो गया है। जानकारी के अनुसार यह मुठभेड़ राजधानी के फतेह कदाल इलाके में बुधवार सुबह हुई। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने मुठभेड़ को लेकर मीडिया से बात करते हुए बताया कि विशेष सूचना पर सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यह ऑपरेशन मंगलवार रात शुरू किया था। टीम ने घर को घेर लिया था और फायरिंग जारी रही। मुठभेड़ में हमारे जवान कमल किशोर शहीद हुए हैं।
डीजीपी ने आगे बताया कि तीन आतंकी मारे गए हैं जिनमें से दो की पहचान हो चुकी है। इनमें से एक मेहराजुद्दीन बांगरू है वहीं दूसरा फैद मुश्ताक वजा है। टीम को दोनों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद हुए हैं।
श्रीनगर- मुजफ्फराबाद मार्ग पर स्थित पट्टन (बारामुला) में बुधवार को नाका पार्टी पर हुए आतंकी हमले में डीएसपी (ऑप्रेशंस), दो पुलिस कांस्टेबल व एक नागरिक समेत चार लोग घायल हो गए। इस बीच, पुलिस दल ने हमला कर भागे आतंकियों का पीछा कर तहरीक-उल-मुजाहिदीन के फैजान मजीद बट को दबोच लिया। फैजान तीन अक्टूबर को ही आतंकी संगठन का हिस्सा बना था। उसकेअन्य साथियों की तलाश जारी है।
एसएसपी बारामुला इम्तियाज हुसैन मीर ने बताया कि हमें पता चला था कि आतंकियों का एक दल किसी यात्री वाहन में श्रीनगर-बारामुला-मुजफ्फराबाद सड़क से गुजर रहा है। इस सूचना के आधार पर विभिन्न जगहों पर नाके लगाए गए थे। एक नाका पट्टन के पास बाबा टेंग इलाके में कोर्ट परिसर के पास लगाया गया था।
इसी दौरान एक वाहन में बैठै दो आतंकियों ने जब नाका पार्टी को देखा तो उन्होंने ग्रेनेड फेंक दिया। इसके साथ ही उन्होंने एक से दो गोलियां भी चलाई। ग्रेनेड हमले में डीएसपी (ऑपरेशंस) जफर मेहदी व दो अन्य पुलिसकर्मी शब्बीर अहमद व अशिक हुसैन और वहां मौजूद एक नागरिक समेत चार लोग जख्मी हो गए।
नाके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने भी जवाबी फायर करना चाहा, लेकिन वहां मौजूद लोगों में मची अफरा-तफरी में उन्होंने संयम बरता और आतंकी इसका फायदा लेकर भाग निकले। पुलिसकर्मियों ने अपने घायल साथियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का बंदोबस्त करते हुए आतंकियों का पीछा किया और कुछ ही देरी पर उन्होंने एक आतंकी को पकड़ लिया। उसका दूसरा साथी शौकत अहमद बट निवासी अवंतीपोर भाग निकला। वह भी तहरीक-उल-मुजाहिदीन से संबंधित है। फैजान से पूछताछ में तहरीक-उल-मुजाहिदीन की गतिविधियों के बारे में कई अहम सुराग मिले हैं।

