पंचतत्व में विलीन हुए भय्यू महाराज, बेटी कुहू ने दी मुखाग्नि

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इंदौर। आध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज का भमोरी स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी पार्थिव देह को बेटी कुहू ने मुखाग्नि दी। इससे पहले उनकी शवयात्रा हजारों भक्तों के साथ मुक्तिधाम पहुंची, जहां शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। जिस गाड़ी में भय्यू महाराज की पार्थिव देह को रखा गया था उसको फूलों से सजाया गया था।

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उनकी चिता को बेटी कुहू ने मुखाग्नि दी। कुहू ने ही बेटे का फर्ज निभाते हुए अंतिम संस्कार की सारी रस्मे पूरी की। इस दौरान परिवार के अन्य लोग भी उनके साथ थे। पूरे विधि-विधान के साथ भय्यू महाराज के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। मुखाग्नि की रस्म पूरी करते समय बेटी कुहू कई बार फफक कर रोई। परिवारजनों ने उन्हें संभाला।

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आश्रम में अंतिम दर्शन के लिए रखी गई पार्थिव देह

इससे पहले उनकी पार्थिव देह को बॉम्बे हॉस्पिटल से उनके निवास स्थान स्कीम नंबर 74 स्थित आवास ‘शिवनेरी’ में लाया गया। यहां से पार्थिव देह को सूर्योदय आश्रम ले जाया गया। जहां पर बड़ी संख्या में उनके शिष्य उनके अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचे। भय्यू महाराज के अंतिम दर्शनों के लिए देश- विदेश खासकर महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।

भय्यू महाराज के पार्थिव शरीर के पास पूरे समय उनकी बेटी कुहू, पत्नी डॉ. आयुषी और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। आश्रम में पार्थिव देह को दर्शन के लिए रखे जाने के बाद बड़ी संख्या में भक्तों ने उनके अंतिम दर्शन किए।

दुनिया को जिंदगी का संदेश देकर तनाव से निजात दिलाने वाले संत भय्यू महाराज तनाव से खुद हार गए और तनाव उनके ऊपर इस हद तक हावी हुआ कि उन्होने जिंदगी को अलविदा कहने का मन बना लिया। मंगलवार को उन्होंने गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। उनकी मौत की खबर आने के बाद देर रात तक श्रद्धांजलि का सिलसिला चलता रहा।