karamchari भोपाल। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रांतीय प्रवक्ता विनय कुमार कनौजिया ने प्रांताध्यक्ष भरत पटेल के निर्देश पर बताया कि 2005 के बाद नियुक्त सभी शासकीय लोक सेवकों (government employee) को केंद्र व राज्य सरकारें नेशनल पेंशन स्कीम (national pension scheme) लागू की है जो कि यह स्कीम शेयर मार्केट (share market) के ऊपर निर्भर है। वर्तमान में प्रत्येक लोक सेवकों को 15 से 25 हजार रुपये का घाटा हो रहा है (loss for every government employee) इसका जिम्मेदार कौन होगा ?
नेशनल पेंशन स्कीम क्या है ?-
नेशनल पेंशन स्कीम 2005 के बाद नियुक्ति लोक सेवकों के लिये एक नई पेंशन योजना है जिसमे लोक सेवक के वेतन से 10 प्रतिशत काटा जाता है और 10 प्रतिशत शासन अपने से मिला कर एनएसडीएल कम्पनी में कर्मचारियों के खाते में जमा किया जाता है जो कि इस राशि को कम्पनी द्वारा शेयर मार्केट में लगाया जाता है वह इस प्रकार तीन कम्पनियों में लगाया जाता है- (1) UTI में 33.41%,
(2) LIC में 32.69%,
(3) SBI में 33.9%
एक ताजा उदाहरण कितने दिन में कितनी राशि घटी:- मैं विनय कुमार कनौजिया(माध्यमिक शिक्षक) शा उ मा वि सज्जनपुर, सतना अपना स्वयं का स्टेटमेंट बता रहा हूँ मेरे मेल आईडी में 29 फरवरी 20 को मेल आया उसमे कुल राशि 407849 रुपये थी फिर हमने 13 मार्च 20 को चेक किया उस दिन 402083 रुपये हो गया फिर एक दिन बाद 14 मार्च को 400464 रुपये हो गया फिर आज 22 मार्च 20 को 392398 रुपये हो गया यानि 22 दिन के अंतराल में 15451 रुपये का घाटा स्वयं मुझे हुआ ऐसा ही घाटा हर लोकसेवक को हो रहा है।
आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मनीष शर्मा का कहना है कि शासन प्रशासन को न्यू पेंशन स्कीम को बन्द करके पुरानी पेंशन लागू किया जाये। क्योंकी इससे सभी कर्मचारियों को नुकशान ही नुक्शान हो रहा है । पुरानी पेंशन स्कीम लागू हो इसके लिये संघ प्रदेश स्तर पर आन्दोलन करने के लिये ठोस योजना बना रहा।

