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नहीं टला ‘वायु’ तूफान का खतरा : कटनी में भी दिख रहा असर, रेलवे ने रद्द की 70 से ज्यादा ट्रेनें

cyclone vayu update 1

नई दिल्ली। Cyclone Vayu Live Updates अरब सागर में उठे चक्रवात वायु गुजरात के करीब पहुंच गया है। इसका असर भी नजर आने लगा है। गुजरात के तटीय इलाकों में तेज बारिश के साथ ही समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं। वहीं हवा की रफ्तार भी काफी तेज हो गई है। हालांकि मौसम विभाग ने एक राहत भरी खबर दी है। उसके मुताबिक चक्रवात ‘वायु’ की दिशा बदल गई है। अब वो सीधे नहीं टकराएगा और गुजरात के तटीय इलाकों को छूता हुआ निकल जाएगा। हालांकि, खतरा अभी तक टला नहीं है। इसकी वजह से गुजरात के द्वारका, वेरावल के अलावा कई तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। एक दर्जन से ज्यादा जिलों में अलर्ट जारी किया है। फिर भी तटीय इलाकों को एहतियान खाली करा दिया गया है।

चक्रवात का असर महाकौशल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिला। जबलपुर और कटनी में करीब एक घण्टे तेज बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से निजात दिलाई तो वहीं विकराल होती जल समस्या के लिए भी संजीवनी का काम किया। कटनी जबलपुर में शाम से अचानक छाए बादल बरस तो जमकर। कई निचले इलाकों में पानी भर गया। वहीं सबसे ज्यादा परेशानी विवाह समारोह वाले घरों को हुई। मौसम विभाग ने अगले 12 घण्टों में तेज बारिश के साथ गरज चमक का अनुमान लगाया है।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक पहुंचने के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से वायु तूफान को लेकर फोन पर बात की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार चक्रवात वायु से निपटने के लिए राज्य की हर संभव मदद करेगी। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने भी नेवी और इंडियन कोस्ट गार्ड की तैयारियों की समीक्षा की।

दोपहर तीन बजे के बाद गुजरात के सीमा में प्रवेश करेगा, लेकिन अब यहां के तट से टकराने के बजाए वह पोरबंदर के करीब से गुजर जाएगा। चक्रवात की गति धीमी जरुर हो गई लेकिन खतरा टला नहीं है।एनडीआरएफ, बीसएसफ, सेना, अर्द्धसैनिक बल, वायुसेना सहित पुलिस और राज्‍य सरकार के अलग-अलग विभागों के आला अफसर लगातार चक्रवात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

वायु चक्रवात के अब गुजरात के तट से टकराने का खतरा टल गया है, लेकिन सरकार और आपदा प्रबंधन ने आगामी 15 जून तक लोगों को सावधान रहने को कहा है। राज्‍य में बुधवार शाम को ही सौराष्‍ट्र व दक्षिण गुजरात में चक्रवात का असर दिखने लगा था, लेकिन गुरुवार सुबह समूचे सौराष्‍ट्र में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। दक्षिण गुजरात वउत्‍तर गुजरात के कुछ शहरोंमें भी बादल छाए रहे तथा छिटपुट बरसात शुरु हो गई है।

मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी ने बुधवार देर रात स्‍टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर पहुंचकर प्रभावित जिलों के कलेक्‍टर व आला अफसरों के साथ देर रात वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के जरिए हालात का जायजा लिया। गांधीनगर नियंत्रण कक्ष पर मॉनिटरिंग के लिए 14 आईएएस अफसरों को तैनात किया गया है। रुपाणी ने बताया कि सौराष्‍ट के 10 जिले व करीब 57 तहसीलों में बारिश शुरू हो चुकी है। पहले चक्रवात के सोमनाथ और द्वारका के बीच टकराने की आशंका थी, लेकिन अब उसकी दिशा बदल गई है, वह पोरबंदर के समुद्री इलाके से गुजरते हुए ओमान की तरफ बढेगा, लेकिन उसकी गति को देखते हुए गुजरात के सौराष्‍ट्र व अन्‍य जिलों पर असर रहेगा। सरकार ने प्रशासन को चाक चौबंद कर रखा है। वहीं निचले इलाकों में से अब तक पौने तीन लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में भेजा जा चुका है।

पढ़िए Live Updates –

-वायु तूफान को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने एहतियातन 9 और ट्रेनों को रद्द कर दिया है। वहीं चार ट्रेनों को बीच में ही कैंसिल कर दिया है। इससे पहले रेलवे ने 70 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द किया था।

-रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इंडियन कोस्ट गार्ड और नेवी की तैयारियों की समीक्षा की है। वो हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

चक्रवात वायु जब गुजरात के तट से टकराएगा उस वक्त हवा की रफ्तार 165 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है। जिससे दीव, वेरावल, गीर सोमनाथ, द्वारका, पोरबंदर और जामनगर में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

-अहमदाबाद रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि चक्रवात प्रभावित जिलों में आने वाली 70 ट्रेन पूरी तरह रद्द की गइ है। जबकि 28 ट्रेन आंशिक रूप से रद्द हुई हैं।

-साइक्लोन वायु से जान-माल का नुकसान कम से कम हो, इसलिए गुजरात सरकार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के काम में युद्धस्तर पर जुटी हुई है। गुजरात सरकार के एडिश्नल चीफ सेक्रेटरी पंकज कुमार ने बताया कि हम पूरी तरह तैयार हैं। लोगों को शेल्टर होम तक पहुंचाया जा रहा है। लोगों से अपील कि वो सुरक्षित स्थानों पर बने रहें। इस खबर के बीच कि साइक्लोन वायु का खतरा कुछ हद तक टला है कि बीच भी सरकार अलर्ट है।

पिछले 6 घंटों में तूफान की दिशा कुछ बदली है। मौसम विभाग का मानना है कि अब इसका बड़ा हिस्सा सौराष्ट्र के समुद्र से होकर गुजर जाएगा। हालांकि खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। यह तूफान दोपहर में गुजरात तट से टकराएगा।
गुजरात और दीव सरकार ने बुधवार शाम तक चार लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का दावा किया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में गृह, रक्षा, दूरसंचार, मौसम विभाग, एनडीएमए, इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ और राष्ट्रीय आपदा बचाव बल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। गुजरात के मुख्य सचिव और दीव के प्रशासक के सलाहकार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इसमें हिस्सा लिया।

मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ‘वायु’ अतिभीषण चक्रवात में बदल गया है। गुजरात से 10 जिलों के भी इससे प्रभावित होने की आशंका है।

एनडीआरएफ की 52 टीमें नाव, पेड़ काटने की आरी और संचार उपकरणों के साथ मौजूद है। इसके साथ ही सेना, वायुसेना, नौ सेना और कोस्ट गार्ड को भी सतर्क रखा गया है।

यातायात सेवाएं बाधित : तूफान के चलते रेल, सड़क और वायु यातायात सेवाएं बाधित हो गई हैं। पोरबंदर समेत प्रभावित इलाकों के हवाई अड्डों से उड़ानों को निलंबित कर दिया गया है। चार सौ उड़ानों पर असर पड़ा है। पश्चिम रेलवे ने 70 ट्रेनों को कैं‍सिल कर दिया है। 28 के रूट को कम कर दिया है।

सोमनाथ मंदिर क्षेत्र में आंधी : चक्रवात के टकराने से पहले ही प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर क्षेत्र में लोगों का सामना धूलभरी आंधी से हुआ।

महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में भी चक्रवात का असर

महाराष्ट्र के मुंबई समेत कई इलाकों में चक्रवात ‘वायु’ का असर पड़ेगा। सिंधुदुर्ग जिले के मलवान तहसील के देवबाग गांव के पास समुद्र में ऊंचा ज्वार उठ रहा है। समुद्र का पानी गांव में भर गया है।

पीएम मोदी ने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से चक्रवात के बारे में स्थानीय एजेंसियों द्वारा मुहैया कराई जा रही सूचनाओं का पालन करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि वह लोगों की सुरक्षा और सेहत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

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