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नहर में डूबी दो सगी मासूम बहनें चरगवां के नुनपुर गांव में घटना से अफरातफरी

narmada nadi

जबलपुर। चरगवां थाना क्षेत्र के बिजौरी ग्राम से कुछ ही दूरी पर स्थित नुनपुर गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित बड़ी नहर में नहाने के लिए गयीं दो सगी बहनें पानी में डूब गयीं जिसकी सूचना लगने पर गांव वालें और पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी थी। गांवों की मदद और स्थानीय गोताखोरों की सहायता से दोनों मासूम बहनों की तलाश जारी थी लेकिन समाचार के लिखे जाने तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है।

घटना के संबंध में जानकारी देते हुए चरगवां थाना प्रभारी शिवराम तरोले ने बताया कि ग्राम नुनपुर में रहने वाले बाबूलाल महाराज की 7 वर्षीय बेटी राधिका और उसकी 5 वर्षीय छोटी बहन रिया आज सुबह करीब आठ बजे घर से नहर नहाने के लिए निकली थीं बताया जाता हैै थ्क नहाते वक्त नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण वे गहरे पानी में चलीं गयीं और दोनों डूब गयीं।

आसपास केलोगों ने उन्हें डूबते हुए देखा तो बचाने के प्रयास भी किए और घटना की सूचना तत्काल बालिकाओं के परिजनों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही चरगवां पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाशी का काम शुरू किया। लेकिन साढ़े आठ बजे हुई इस घटना के चार घंटे बाद तक दोनों मासूमों का कोई सुराग नहीं लग पाया था। पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घटना से गांव में सनसनी फैल गयी और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए थे।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जैसे ही परिजनों को नहर में बेटियों के डूबने की खबर मिली तो बदहवास हालत में घटना स्थल की ओर रोते हुए रवाना हुए। वहां पहुंचकर भी उनका रोना धोना जारी रहा। पुलिस ने समझाईश दी लेकिन इस घटना में गांव में मातम सा पसर गया।

करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाला कपिल गोकलानी जेल गया
जबलपुर, मुनप्र। एसटीएफ के द्वारा एक शिकायत के आधार पर दुकानों के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपए वसूलने वाले शख्स को एसटीएफ की टीम ने विगत दिवस गिरफ्तार कर उसे रिमाण्ड में लिया था जिसे कल शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक पूरा गड़बड़झाला करीब 4-5 करोड़ रुपए के बीच का है। इस संबंध में एसटीएफ सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि कपिल गोकलानी की चंद्रकला स्वीट्स के नाम से दुकान है जो अच्छी खासी चलती भी है। इसने दुकानों के नाम पर कई लोगों से एडवांस पैसे जमा करवा लिए थे और दुकान देने का वादा भी किया था। एसटीएफ के मुताबिक काफी समय बीतने के बाद भी जब पैसा देने वालो को दुकानें नहीं मिलीं तो सेवानिवृत्त कर्नल महेन्द्र सिंह यादव ने एसटीएफ में शिकायत की थी। जिसके आधार पर एसटीएफ ने दबिश देकर कपिल गोकलानी को तो गिरफ्तार कर लिया था और कल उसे भोपाल जेल भेज दिया गया है। इसकी दुकान आदर्शनगर में बतायी गयी है।
और लोग भी आ सकते हैं सामने
इस मामले में सेवानिवृत्त कर्नल की शिकायत के बाद और लोग भी सामने आ रहे हैं जिससे गोकलानी ने पैसे वसूले थे। एसटीएफ ऐसे लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेकर जांच पड़ताल में जुटी है। एसटीएफ को यह उम्मीद भी है कि इस गड़बड़झाले में गोकलानी के अलावा और लोग भी शामिल हो सकते हैं। जिन जिन से पैसे लिये गए हैं उन सबके सामने आने के बाद कई और नाम इसके सहयोगी के रूप में सामने आ सकते हैं।

कोटवारी जमीन पर भूमाफिया कर रहे कब्जा
पीड़ित काट रहा अधिकारियों के चक्कर
जबलपुर, मुनप्र। सूरतलाई के समीपवर्ती ग्राम मंगेला ठाकुर तलैया निवासी ग्राम कोटवार रामा कोल की जमीन जो उसे सेवाखातेदार की हैसियत से शासन द्वारा प्रदान की गयी थी उसपर भूमाफियाओं और दलालों की नजर लगगयी और इस जमीन पर अवैध कब्जा किये जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक को की एक शिकायत में रामा वल्द होरीलाल विसराम कोल मंगेला निवासी ने बताया कि मौजा बिहरिया पटवारी हल्का नंबर 22 राजस्व निरीक्षक मंडल महाराजपुर तहसील पनागर की भूमि खसरा नंबर 196 जिसका रकबा 2.82 है वह उसके नाम पर अभिलेखों में दर्ज है। उक्त सेवा भूमि पर अनावेदक सुरेश वल्द परमू को साकिन रैयाखेड़ा एवं बिहरिया के राजीव पटेल सरई काछी, वीरेन्द्र पटेल चन्द्रभान के द्वारा पांच से दस हजार रुपए लेकर कोटवार की सेवाभूमि पर अवैध कब्जा करवाये जा रहे हैं। इतना ही नहीं कई लोगों ने तो पक्के मकान तक बना डाले। कब्जाधारियों को मना करने पर वे लड़ाई झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं। जिसके चलते कोटवार ने वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगायी है थ्क उसकी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाए तथा दोषी लोगों पर प्रभावी कार्यवाही की जाए। उक्ताशय की जानकारी सूरतलाई संवाददाता उत्तम विश्वकर्मा ने दी है। संवाददाता के मुताबिक जमीन पर अपनी आखों के सामने कब्जे होते देख कोटवार अधिकारियों के चक्कर काट रहा है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो पा रही। पूर्व में 2012 में भी इसी तरह की स्थिति निर्मित हुई थी जब तहसीलदार ने अवैध कब्जों को हटवाया था लेकिन कब्जाधारी कुछ दिनोंके बाद फिर से वहां काबिज होने लगे। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह कोटवारी जमीन उसके हाथ से निकल जाएगी। इस संबंध में सरपंच ऊषा तिवारी से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि उन्होंने कब्जा करने से कई बार मना भी किया लेकिन कोई उनकी बात सुनने तैयार नहीं है।

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