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नर्मदा के नाम पर ‘साधु बाबा’ मांगेंगे वोट,किया चुनाव का ऐलान

narmada nadi

रायसेन। नर्मदा के नाम पर अब साधु बाबा भी विधानसभा चुनाव में वोट मांगेंगे। जी हां, नर्मदा नदी क्षेत्र में आने वाली उदयपुरा विधानसभा से एक साधु बाबा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। नर्मदा नदी से वैध-अवैध दोनों ही तरह के उत्खनन पर रोक की मांग के साथ अन्य तीन मांगें भी बाबा के चुनावी एजेंडे में शामिल हैं।sant

इसके लिए बकायदा तैयारी भी शुरू हो गई है और 100 दिन के एक्शन प्लान के तहत गांव-गांव बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। किरार बाहुल्य इस विधानसभा सीट पर बाबा के चुनाव से लगभग 4 माह पहले ही मैदान में उतर जाने से राजनीतिक गुणा गणित लगना शुरू हो गए हैं।

उदयपुरा क्षेत्र में अंडिया नर्मदा तट पर लगभग 10 वर्ष से साधना कर रहे महीवाले बाबाजी, जिन्हें लोग नाथ साधु के नाम से जानते हैं ने हाल ही में निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कहकर सबको चौंका दिया है। उनका कहना है कि नर्मदा नदी से रेत का वैध और अवैध दोनों ही प्रकार का खनन असहनीय है।

अभी गुप्त रणनीति फिर खुलकर मांगेंगे समर्थन

नाथ साधु अभी अपने शिष्यों के साथ गुप्त रणनीति बना रहे है और क्षेत्र के गांवों में उनकी बैठके शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि एक बार पूरा क्षेत्र घूम लेने के बाद वे खुलकर लोगों से जनसमर्थन मांगेंगे। नवदुनिया से चर्चा में साधु बाबा ने बताया कि हमें कहीं तो प्रकृति को छोड़ना चाहिए, आखिरकार हम प्रकृति को और कितनी चुनौती देंगे और कितना प्रकृति के धैर्य की परीक्षा लेंगे।

उन्होंने साफ किया कि वे किसी राजसत्ता की इच्छा से नही बल्कि सिर्फ और सिर्फ नर्मदा के संरक्षण के लिए संकल्प के साथ मैदान में उतर रहे हैं। साधु बाबा की पहली चुनावी बैठक अंडिया गांव से ही शुरू हुई है और हाल ही में वे कैलकच्छ, छींद, किरगी गांव में भी लोगों से मिल चुके हैं। उन्होंने चर्चा में बताया कि सिर्फ 4 मुख्य बातों को लेकर लोगों तक जा रहे हैं इनमें पहला नर्मदा रेत का वैध और अवैध दोनों तरह से खनन पूरी तरह बंद हो।

दूसरी नर्मदा में गिरने वाले गंदे नालों पर जल-शोधन संयत्र लगाए जाएं और एनजीटी के नियमों का पालन हो वैसे भी कई नदियों को लेकर एनजीटी की गाइडलाइन पहले से बनी हुई है। तीसरा नर्मदा अन्न क्षेत्र घोषित करते हुए कृषकों के लिए विशेष सुजला योजना लाई जाए, जिसमें नर्मदा के जल से खेतों तक सिंचाई की योजना साकार हो जा सके और चौथा बिंदु नर्मदा परिक्रमा के लिए एक ऐसा परिपथ बनाया जाए जो नर्मदा के दक्षिण और उत्तर तटों से अधिकतम 10 किलोमीटर के भीतर हो को बाबा ने अपने एजेंडे में शामिल किया है।

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