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नए साल से बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद मिलेगा ग्रामीण गरीबों को राशन

जबलपुर। एक जनवरी से प्रदेश की करीब 23 हजार से अधिक सहकारी उचित मूल्य की राशन दुकानों में से 19 हजार ग्रामीण क्षेत्र की दुकानों से अब बायोमीट्रिक सत्यापन यानी आधार बेस्ड राशन वितरण शुरू होगा। अब जब तक प्वाइंट ऑफ सेल मशीन से उपभोक्ता के थंब इंप्रेशन का बायोमीट्रिक सत्यापन नहीं होगा, उसको राशन नहीं मिलेगा। यह नई व्यवस्था पीएस खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश पर लागू हो रही है। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद पीएस ने बैठक लेते हुए प्रदेश भर के जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देशित किया था कि वे हर हाल में अपने जिलों के उपभोक्ताओं का आधार फूड पोर्टल पर दर्ज करा लें, ताकि बायोमेट्रिक सत्यापन से खाद्यान्न बांटा जा सके। ग्रामीण क्षेत्र की सभी राशन दुकानों से बायोमीट्रिक सत्यापन के आधार पर ही राशन बांटा जाएगा। इसमें दिक्कतें न हों, इसके लिए कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वह एक जनवरी से अपने-अपने क्षेत्रों में राशन वितरण की व्यवस्था पर सतत निगरानी रखें। पीओएस मशीन खराब होने के बाद भी राशन दुकानदार मैन्युअली राशन नहीं बांट सकेेंंगे। उन्हें मैन्युअली राशन बांटने के लिए खाद्य, नागरिक एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आला अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति मैन्युअली राशन बांटा गया तो राशन दुकानदार पर कार्रवाई की जाएगी।

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