जबलपुर। रेलवे में नई पेंशन नीति को समाप्त करने और निजीकरण व आउटसोर्सिंग जैसी कई मांगों को लेकर नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियान रेलवे मैन एनएफआईआर के प्रतिनिधिमंडल ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में हुए समझौतों को भी लागू करने की मांग रखी। एनएफआईआर के महामंत्री श्री राघवैय्या व कार्यकारी अध्यक्ष एनएफआईआर व डब्ल्यूसीआरएमएस क ेअध्यक्ष आर पी भटनागर ने बताया कि रेलवे में नई पेंशन स्कीम को समाप्त किया जाए। उन्होंने रेल मंत्री से आग्रह किया कि निजीकरण आउटसोर्सिंग संबंधित नीतियों को बंद किया जाए।
सभी रिक्त पदों को भरने के लिए आदेश जारी किए जाएं, पटरियों के रखरखाव को लेकर नए पदों की मंजूरी रेलवे प्रिंटिंग प्रेसों को जारी रखने कोचों की संख्या बढ़ाने के बाद नई ट्रेनों की शुरुआत की जाए। बैठक में ग्राहकों को माल ढुलाई की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए फ्रेट ट्रेन चलाने के लिए समर्पित मांगों की योजना बनाए जाएं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी परिवर्तन करने के पहले रेलवे फेडरेशनों से भी बातचीत की जाए। रेल मंत्रीह से रेलवे की सुरक्षा रिक्तियों को प्रशिक्षित एक्ट अप्रेटिंस और अर्ध्ध संगठन के कर्मचारियों के अवशोषण पर विचार करने का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में हुए समझौतों को भी लागू करने की मांग रखी। इनमें ग्रेड वेतन 4600 के साथ 6वीं सीपीसी ग्रेड पे 4800 की रिप्लेसमेंट, ग्रेजुएट इंजीनियर्स और रेलवे में डिप्लोमा इंजीनियर्स के साथ किए गए अन्याय को ठीक के लिए कहा गया। एपेक्स लेवल ग्रुप सी पदों का समह बी राजपत्रित पदों में उन्नयन लोको निरीक्षकों के वेतन में वृद्घि जैसी कई मांगें शामिल थीं।

