जबलपुर । जब से यात्री बस चलना बंद हुई हैं इसका सबसे ज्यादा फायदा टैक्सी चालक उठा रहे हैं। इन लोगों ने सामान्य दिनों की अपेक्षा रेट बढ़ा दिए हैं।
जिससे यात्रियों को अत्यधिक आर्थिक भार झेलना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा मुसीबत नागपुर जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों की हो रही है।
आश्चर्य है कि धड़ल्ले से टै्रवल्स संचालक और टैक्सी संचालक जनता को लूट रहे हैं और प्रशासन व आरटीओ का अमला ध्यान नहीं दे रहा है।
सामान्य दिनों में चार सीटर छोटी कार लेने पर उसका किराया 10 रुपए प्रतिकिलोमीटर तक होता है।
वहीं बड़े सात सीटर वाहनों का 12 से 15 रुपए तक होता है, लेकिन इन दिनों छोटी कारों का किराया 15 से 17 और बड़ी लक्जरी कारों के लिए 20 से 22 रुपए प्रतिकिलोमीटर तक लिए जा रहे हैं।
अधिक किराया लेने के बाद भी टैक्सी संचालक टोल टैक्स का भुगतान भी यात्री से ही करवा रहे हैं। इसके अलावा वाहन रोके जाने पर हाल्टिंग चार्ज अलग से देना होता है।
नागपुर रूट पर सामान्य, सिलीपर और लग्जरी बसें चलतीं हैं, जिनका किराया क्रमश: 350, 400 और 500 रुपए है।
वहीं इसी रूट पर छोटी टैक्सी, सामान्य टैक्सी और लग्जरी टैक्सियों के किराया इन दिनों क्रमश: 7000, 9000 और 12000 रुपए वसूले जा रहे हैं।
टैक्सी में चलने वाले कुछ लक्जरी वाहनों का रेट तो एयर फेयर से भी अधिक है।
आरटीओ संतोष पॉल का कहना है कि यदि टैक्सी संचालक या टेवल्स संचालकों द्वारा यात्रियों से अधिक किराया लिया जा रहा है, तो इसकी जांच कराई जाएगी।
यदि कोई दोषी मिला, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए

