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देश में शिक्षा को मजबूती देने के लिए मार्च तक 8000 से ज्यादा स्कूल और 46000 शौचालय बने

08 07 2019 nishank8 19381592 22840519 m

नई दिल्ली। विद्यालयी शिक्षा को मजबूती देने के लिए इस साल 31 मार्च तक देशभर में 8,663 नए माध्यमिक स्कूलों और स्कूलों में 46,280 शौचालयों का निर्माण कराया गया। ये निर्माण कार्य केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) के तहत कराए गए। सरकार ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि 2017-18 तक आरएमएसए और 2018-19 से प्रभावी समग्र शिक्षा के तहत 12,896 नए स्कूलों, 53,789 अतिरिक्त कक्षाओं, 66,286 शौचालयों और 11,933 पेयजल सुविधाओं के निर्माण को मंजूरी दी गई थी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने बताया कि इनमें से 12,100 नए स्कूल शुरू हो गए हैं। साथ ही 31 मार्च, 2019 तक 8,663 नए स्कूलों, 37,546 अतिरिक्ति कक्षाओं, व 46,280 शौचालयों का निर्माण कराया गया और 10,093 स्कूलों में पेयजल की सुविधा मुहैया कराई गई है।

36 फीसद स्कूलों में बिजली नहीं

शून्य प्रहर के दौरान सदन में निशंक ने बताया कि देशभर में 36 फीसद स्कूलों में बिजली कनेक्शन नहीं है। उन्होंने बताया कि एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (यूडीआइएसई) की 2017-18 की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 63.14 फीसद स्कूलों में ही बिजली की व्यवस्था है।

उन्होंने बताया कि असम में सबसे कम 24.28 फीसद स्कूलों में बिजली है, उसके बाद मेघायल का नंबर है जहां सिर्फ 26.34 फीसद स्कूलों में ही बिजली है। लक्षद्वीप और दादरा व नगर हवेली में सौ फीसद स्कूलों में बिजली की सुविधा है। जबकि, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के 99.93 फीसद स्कूलों में बिजली है।

ग्रामीण क्षेत्रों में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत बिजली मुहैया कराई जा रही है। जिन स्कूलों में बिजली नहीं है वो इसके लिए अपने क्षेत्र के संबंधित बिजली विभाग के दफ्तर से संपर्क कर यह सुविधा हासिल कर सकते हैं।

सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के समान वेतन का प्रस्ताव नहीं

मानव संसाधन विकास मंत्री ने बताया कि देश भर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्कूलों में शिक्षकों के लिए एक समान वेतन पैकेज व्यवस्था लागू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।

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