नई दिल्ली। रूस की हाईपरसोनिक मिसाइल 3M22 Zircon (जिरकॉन) को दुश्मन का राडार देख नहीं सकेगा। रूस की इस मिसाइल की गूंज फिलहाल सभी विकसित देशों के रक्षा मंत्रालय में सुनी जा रही है। यूं तो रूस के पास कई अत्याधुनिक हथियार और मिसाइल हैं जो कई देशों को डराने का काम कर सकती हैं। लेकिन जिरकॉन की बात की जाए तो ये मिसाइल इन सभी में कहीं अधिक घातक है। दुश्मन के राडार की नजरों को चकमा देकर ये मिसाइल पल भर में तबाही मचा सकती है। इसका डिजाइन और इसका बाहरी आवरण सभी कुछ बेहद खास है।
दरअसल, इसके लिए वैज्ञानिकों ने यूनिक कॉम्पैक्ट मैटेरियल का इस्तेमाल किया है, इसमें कार्बन और कार्बन फाइबर शामिल है। इसकी वजह से इस मिसाइल का वजन काफी कम हो गया है। इसके बाहरी आवरण की बदौलत ही यह राडार से छिपी रह सकती है। इसी मैटेरियल का इस्तेमाल पहले 3M37 स्किफ सबमरीन बेस्ड बेलेस्टिक मिसाइल (Skiff submarine-based ballistic missile) में भी किया गया था।
आपको यहां पर ये भी बता दें कि इसी वर्ष अमेरिका ने भी इसी तरह की एक मिसाइल का परीक्षण किया था। हालांकि इस क्षेत्र में ये दोनों देश ही अकेले नहीं हैं। इसमें चीन भ शामिल है। रूस की जिरकॉन का नाटो नाम SS-N-33 दिया गया है। एक हजार किमी रेंज वाली ये मिसाइल जमीन और पानी दोनों पर ही दुश्मन को तबाह कर सकती है। इसकी भी रफ्तार 9 मैक ही है।

