नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘ छपाक’ इसी हफ्ते रिलीज होने वाली है।
फिल्म से ठीक पहले दीपिका सुर्खियों में हैं। संयोगवंश कहे या जानबूझकर अपनी आखिरी दो फिल्मों के रिलीज से पहले भी दीपिका पादुकोण अखबार, टीवी की टॉप हेटलाइंस में शामिल हुई थीं।
ऐसे में यह लगातार तीसरी बार हो रहा है, जब दीपिका पादुकोण खबरों में आ गई हैं।
दीपिका ने बड़ी फेम विवादित फ़िल्म से कमाई है। ऐसा मन जा रहा है कि ऐसा स्टंट दीपिका ने सोच समझ कर ही लिया है।
हालांकि, इस बार दीपिका पादुकोण अपनी अपकमिंग फिल्म ‘छपाक’ के कंटेट को लेकर चर्चा का विषय नहीं है।
सोशल मीडिया पर नाम को लेकर जरूर कुछ विवाद च रहे है कि हिन्दू धर्म के नाम का दुरुपयोग किया गया है । लेकिन पूरी जानकारी तो फ़िल्म रिलीज पर ही होगी।
जेएनयू में छात्रों के समर्थन में पहुंचने की वजह से दीपिका पर बात हो रही है। बता दें कि जेएनयू में हुई हिंसा के विरोध में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं, जहां दीपिका उनके समर्थन के लिए पहुंची थीं।
इसके बाद लगातार उनकी चर्चा हो रही है और लोग उनकी फिल्म बायकॉट करने की भी मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनका समर्थन कर रहे हैं।
यहां तक कि मंगलवार शाम और बुधवार को भी दीपिका के पक्ष और विपक्ष में हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, क्योंकि हर कोई दीपिका को लेकर बात कर रहा है।
ऐसे में फिल्म से पहले दीपिका की जेएनयू विजिट ने उन्हें खबरों में ला दिया है। आपको बता दें कि इससे पहले भी दीपिका पादुकोण की दो फिल्में ‘पद्मावत’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ रिलीज हुई थी और फिल्म से पहले दीपिका खबरों में थीं।
ओर अब फ़िल्म छपाक को लेकर सुर्खियों में है।
पहले बात करते हैं 2018 में रिलीज हुई फिल्म पद्मावत की, जिसमें उनके रानी पद्मिनी के किरदार को लेकर काफी विवाद हुआ था और फिल्म रिलीज से पहले कई जगह प्रदर्शन हुए और दीपिका पादुकोण के किरदार को लेकर ही बहस हुई। उस दौरान दीपिका पादुकोण के किरदार को लेकर हंगामा हुआ था, जिसकी वजह से दो बार फिल्म की रिलीज डेट भी चेंज हुई और यहां तक कि फिल्म का नाम भी पद्मावती से पद्मावत करना पड़ा। साथ ही फिल्म राजस्थान में रिलीज भी नहीं हो सकी।
वहीं पद्मावत से पहले दीपिका पादुकोण ‘बाजीराव मस्तानी’ में नजर आई थीं, जिसमें वो मस्तानी के किरदार में नजर आई थीं। इस दौरान दीपिका अपने मस्तानी के किरदार को लेकर खबरों में आ गई थीं और उनके किरदार को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगा था। मस्तानी के वंशजों ने ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए फिल्म पर रोक लगाने की मांग की थी। कहा गया था कि फिल्म में मस्तानी के किरदार को गलत तरह से पेश किया जा रहा है।
