दिल्ली में चीनी CCTV कैमरे हटाने को लेकर सियासी घमासान: PWD मंत्री ने सुरक्षा का हवाला दिया, AAP ने बीजेपी पर लगाया ठेका बदलने का आरोप
दिल्ली में चीनी CCTV कैमरे हटाने को लेकर सियासी घमासान: PWD मंत्री ने सुरक्षा का हवाला दिया, AAP ने बीजेपी पर लगाया ठेका बदलने का आरोप
2,000 HD CCTV कैमरे लगाए गए; स्टैम्पीड के बाद सुरक्षा कड़ी
दिल्ली में चीनी CCTV कैमरे हटाने को लेकर सियासी घमासान: PWD मंत्री ने सुरक्षा का हवाला दिया, AAP ने बीजेपी पर लगाया ठेका बदलने का आरोप, दिल्ली सरकार ने हाल ही में पूरे शहर में लगे करीब 1.4 लाख चीनी CCTV कैमरे हटाने का निर्णय लिया है। PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और बेहतर डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
मुख्य बिंदु:
कैमरे बदलने का फैसला: दिल्ली में कुल 2,74,389 CCTV कैमरे हैं। पहले चरण में 1,40,000 कैमरे चीनी कंपनी Hikvision के थे। अब इन्हें **नई सुरक्षित और भरोसेमंद तकनीक से बदला जाएगा।
सुरक्षा पर जोर: मंत्री ने कहा कि AAP सरकार ने पहले चरण में कैमरे लगाते समय राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रभावों पर ध्यान नहीं दिया।
वर्तमान बदलाव एक ‘कोर्स करेक्शन यानी सुधारात्मक कदम है।
AAP का जवाब: AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि यह कदम बीजेपी की पसंदीदा कंपनी को ठेका देने का बहाना है। उन्होंने कहा कि Hikvision कैमरे पहले से ही कई सरकारी प्रोजेक्ट्स में हैं और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। सियासी आरोप-प्रत्यारोप: AAP का कहना है कि केंद्र सरकार ने पूरे भारत में कैमरों पर रोक नहीं लगाई, इसलिए यह “चुनिंदा चिंता” केवल स्थानीय ठेके को बदलने के लिए दिखाया जा रहा है।