जबलपुर, विशेष प्रतिनिधि। एक समय था जब सरकारी विभागों में पानी पिलाने वाले सफाई करने वाले और गड्ढा खोदने वाले श्रमिक के लिए कोई शैक्षणिक योग्यता तय नहीं थी। भले ही ऐसे लोग अंगूठा छाप हो उनमें काम करने की योग्यता देखी जाती थी और उन्हें सरकारी नौकरी मिल जाती थी। लेकिन अब समय बदल गया है, सरकारी नियमों में परिवर्तन हो चुका है।
अब केन्द्र सरकार में छोटी से छोटी नौकरी के लिए चाहे वह कपड़े धोने का काम हो या खाना बनाने का कुक, मसालची का काम हो प्रत्येक पद के लिए कम से कम दसवीं कक्षा पास होना जरूरी हो गया है।
उल्लेखनीय है कि पहले छोटे छोटे काम करने वाले पदों े लिए कोई शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं थी। काम की योग्यता होने पर अंगूठा छाप व्यक्ति को नियुक्ति दे दी जाती थी।
भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने पहले ऐसे छोटे पदों के लिए पाचवीं फिर आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य कर दिया था बाद में 6वें वेतन आयोग ने ऐसे छोटे पदों के लिए दसवीं कक्षा पास होने के अनिवार्यता की सिफारिश की थी जिसे कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने स्वीकृति देकर इसमें संशोधन कर दिया था।
सांतवे वेतन आयोग ने हालांकि छोट े पदों के लिए ऐसी कोई न्यूनतम योगयता निर्धारित नहीं की है लेकिन कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने 6वें वेतन आयोग की न्यूनतम शैक्षणिक योगयता को मार्ग दर्शिका के रूप में मान्य कर लिया है। न्यूनतम योग्यता का मामला तब प्रकाश में आया जब अनेक विभागों में मृत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दी गयी।
जिसमें पुराने नियमों के तहत आठवीं कक्षा पस आश्रितों को इस आधार पर नियुक्तियां दी गई थीं कि वे अगले 5 वर्षांें में कक्षा दसवीं पास कर लें लेकिन अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त किन्ही कारणों से निर्धारित समय में दसवीं कक्षा पास नहंी कर पाये हैं।
इनमें अधिकंाश मृत कर्मचारियों के आश्रितों में वे महिला कर्मचारी हैं जो घर और कार्यालय की जिम्मेदारी निभाने के चलते 10वीं कक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाई और उनकी सेवा निवृतित भी नजदीक आ गई है। विभिन्न विभागों द्वारा कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय से पत्राचार के बाद स्पष्ट किया गया कि छोटे पदों पर चाहे नई नियुक्तियां हों या अनुकंपा नियुक्ति सभी में आगे से कक्षा 10वीं पास करना अनिवार्य होगा।

