भोपाल। पर्यटन और परिवहन के बाद अब सहकारिता विभाग रोजगार के मौके उपलब्ध कराने के लिए दवा कारोबार के क्षेत्र में कदम रखेगा। इसके लिए महासंघ बनाया जाएगा और भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में दुकानें खोली जाएंगी। शुरुआत 25 दुकानों के साथ होगी। इन्हें 15 अगस्त से लागू होने वाली आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाएगा। इन दुकानों में अत्यावश्यक दवाएं मिलेंगी। लेकिन निजी दवा कारोबारियो को इससे बडा झटका लगेगा । क्योंकी कम व साधारण बिमारी के इलाज की जीवन रक्षक दवाएं कम दरों पर उपलब्ध होंगी।
सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना लागू होने के बाद देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से बदलाव होगा। इसे मद्देनजर रखते हुए रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए सहकारी समिति बनाकर दवा दुकानें संचालित करने की योजना तैयार की गई है।
इसके तहत एक महासंघ बनाया जाएगा। इसके लिए मैदानी स्तर पर प्राथमिक सहकारी समितियां गठित की जाएंगी। जिला स्तर पर संगठन तैयार होने के बाद इनका महासंघ बनेगा। दुकान हासिल करने के लिए बाकायदा लाइसेंस लिया जाएगा।
सामान्य व जीवनरक्षक दवाएं इन दुकानों पर मिलेंगी। आयुक्त सहकारिता केदार शर्मा ने बताया कि हमने शासन को महासंघ बनाने का प्रस्ताव भेज दिया है। शुरुआत बड़े शहरों से करेंगे। परिणाम देखने के बाद इसका विस्तार किया जाएगा। सहकारी दुकानों पर दवाएं अन्य दुकानों की तुलना में कुछ कम दर पर मिलेंगी, क्योंकि सहकारिता का उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं है।

