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दम मारो दम मिट जाएं हम

भूलन मंदिर के नीचे नाबालिग बच्चों का नशे के नाम पर हरे रामा हरे कृष्णा
जबलपुर,नगरप्रतिनिधि। कछपुरा रेल लाइन के पीछे भूलन माता का मंदिर इस समय नाबालिग नशेड़ी बच्चों से घिरा रहता है क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यह बच्चे कहां से आते हैं और कहां चले जाते हैं कुछ भी पता नहीं चलता हां एक बात जरूर है कि बड़े-बड़े स्कूलों की यह बच्चे अपनी स्कूल टाइमिंग के अनुसार स्कूल की ड्रेस में सुबह से शाम तक यहां रहकर नशा करते रहते हैं जिनकी उम्र मात्र 14 ,15, 16 17 वर्ष है।
मंदिर के नीचे कमरे में भरते हैं दम
क्षेत्रीय लोगों का कहना है भूलन मंदिर के नीचे एक कमरा है जिसमें यह बच्चे आकर अपने नशे का स्कूल यहां शुरू कर बैठते हैं दिन भर नशा करते करते इन बच्चों के मन में विभिन्न प्रकार की अपराधिक भावनाएं जन्म लेती है जिसका प्रभाव क्षेत्र की जनता पर पड़ता है।
श्रीनगर कॉलोनी में एक पूरे मकान में होता है नशा
कुछ लोगों द्वारा जब देखा गया कि इन बच्चों की भीड़ क्षेत्र में बढ़ती ही जा रही है तो लोगों ने पुलिस को जानकारी ना देकर इन नशेडय़िों के लिए अपना पूरा घर दे दिया। इस पूरे घर में लोगों का कहना है बच्चे रात तक जमा रहते हैं और सिर्फ नशा करते हैं जिसके बदले में मकान का मालिक कौन से नशा करने की जगह के नाम पर कुछ पैसा वसूलते हैं।

आखिर कौन सा थाना लगता है
सबसे बड़ा प्रश्नचिन्ह यह है कि लोगों द्वारा हमेशा सिर्फ यही सवाल किया जाता है कि आखिर इस क्षेत्र में कौन सा थाना लगता है कोई संजीवनी नगर थाना कहता है तो किसी का कहना है कि यह लार्डगंज थाने में आता है परंतु कुछ इसे माढ़ो ताल थाना अंतर्गत क्षेत्र मानते हैं।

8:00 बजे से 5:00 बजे तक लगता है नशे का स्कूल
क्षेत्रीय लोगों का कहना है यह नाबालिक बच्चे सुबह से शाम तक अपने नशे का स्कूल यही लगाते हैं क्षेत्र में स्थित सभी हाई प्रोफाइल स्कूलों के बच्चे यहां आकर नशे में लिप्त रहते हैं। बड़े-बड़े नशे के सौदागरों द्वारा इन्हें सभी प्रकार के नशे की सामग्री उपलब्ध करवा दी जाती है

क्या पुलिस को है हर बात की जानकारी
भूलन क्षेत्र में इस प्रकार की हरकतें खुलेआम हो रही है जब आम जनता को सभी प्रकार की बातें पता है तो क्या पुलिस को इस प्रकार की जानकारी नहीं है या जानकारी होने के बावजूद पुलिस इन क्षेत्रों पर नजर न नहीं रखना चाहती है।

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