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त्योहारों में दौड़ेंगी कई स्पेशल ट्रेनें, कटनी होकर होगा कई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन

demo train1 19 06 2018

कटनी। त्योहारों के दौरान लगभग 14 हजार पैसेंजरों को कन्फर्म टिकट देने के लिए रेलवे 20 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। यह कदम रक्षाबंधन से लेकर पितृपक्ष, दशहरा, दीपावली और छठ पूजा के आसपास की तारीखों में अन्य ट्रेनों में अभी से बन रही नो-रूम की स्थिति को देखते हुए उठाया गया है। इन स्पेशल ट्रेनों में से अधिकांश का परिचालन कटनी होकर किया जाएगा। जिसके कारण इन स्पेशल ट्रेनों का लाभ शहरवासी भी ले सकेंगे। गौरतलब है कि कटनी होकर चलने वाली कई ट्रेनों में तो अभी से वेटिंग 50 से 100 के बीच पहुंच गई है। इसलिए पश्चिम मध्य रेलवे ने जबलपुर समेत भोपाल और कोटा मंडल से लगभग 20 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी की है। ये स्पेशल ट्रेनें बड़े रूट जैसे जबलपुर से पटना, मुंबई, पुणे, गया, रायपुर की ओर की हैं। हालांकि व्यस्ततम रूट होने के कारण स्पेशल ट्रेनों के लिए खाली ट्रैक मिलना मुश्किल है। एक स्पेशल ट्रेन में स्लीपर के औसतन 10 कोच होते हैं। प्रत्येक कोच में 72 सीटों के अनुसार 20 स्पेशल ट्रेनों से 14 हजार से ज्यादा यात्रियों को कंफर्म टिकट दी जा सकेगी।
कटनी होकर पटना के लिए स्पेशल ट्रेन
इस रूट पर 24 घंटे में 12 ट्रेनें चलती हैं। जिसमें दीवाली तक वेटिंग है। दशहरा, दीवाली और छठ पर इस रूट पर स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। इसमें लगभग 2 हजार पैसेंजर को कंफर्म टिकट दी जाएगी। इसी प्रकार मुंबई रूट पर 24 घंटे में 13 ट्रेनें चलती हैं। अधिकांश में वेटिंग रहती है। इसलिए दशहरा, दीवाली, दिसंबर में इस रूट में भी स्पेशल ट्रेनें चलेंगी।
गया के लिए पितृपक्ष स्पेशल
इस रूट पर 24 घंटे में एक ट्रेन हैं। जिसमें कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल है। पितृ पक्ष पर रेलवे जबलपुर से स्पेशल ट्रेन चलाएगा। जिससे लगभग 1 हजार पैसेंजर की वेटिंग क्लीयर होगी। इसी प्रकार जबलपुर से गोवा रूट पर 24 घंटे में सिर्फ एक ही ट्रेन चलती है। दिसंबर में जबलपुर से गोवा के लिए स्पेशल ट्रेन चलेगी। उधर जबलपुर से रायपुर रूट में 24 घंटे में सिर्फ एक ट्रेन चलती है। दशहरा, दिवाली पर रेलवे स्पेशल ट्रेन चलाएगा।
कटनी रूट से गुजरेंगी 100 से ज्यादा ट्रेनें
पश्चिम मध्य रेलवे की तर्ज पर अन्य रेलवे जोन ने भी रक्षाबंधन से दिसंबर तक स्पेशल ट्रेनें दौड़ाने की तैयारी की है। जिस कारण कटनी होकर लगभग 100 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें गुजरेंगी। व्यस्त रूटों पर रेलवे को स्पेशल ट्रेनों के लिए खाली ट्रैक देने में मुश्किल आएगी। इसी कारण यह ट्रेनें साधारण ट्रेनों की तुलना में अधिक समय में सफर पूरा करेंगी। पिछले साल चलाई गईं लगभग 400 स्पेशल ट्रेनों में 200 से ज्यादा ट्रेनें गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच सकी थीं। इस बार रेलवे द्वारा जारी किए गए नए टाइम टेबल में स्पेशल ट्रेनों के लिए खाली रूट तय किए गए हैं।

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